कला संवाददाता, इंदौर स्टूडियो। प्रख्यात साहित्यकार स्व. प्रोफेसर प्रकाश दीक्षित के इकलौते पुत्र आकाश दीक्षित का ग्वालियर में निधन हो गया। आकाश 50 वर्ष के थे। वे कैंसर से पीड़ित थे। उनका ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों से इलाज चल रहा था। उनके निधन से ग्वालियर रंग जगत के साथ ही मुंबई के टीवी जगत में शोक की लहर फैल गई। ग्वालियर के रंगकर्मियों ने उनके निधन पर श्रद्धाजंलि व्यक्ति की है।
हिन्दी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएट आकाश दीक्षित अपने पिता की तरह ही एक अच्छे लेखक और विचारवान व्यक्ति रहे। उन्होंने घर पर मौजूद पिता की लायब्रेरी से बहुत सी साहित्यिक और प्रसिद्ध लेखकों की क़िताबें कम उम्र में ही पढ़ ली थींं। युवा दिनों में वे ग्वालियर के रंगकर्म से जुड़े। कई नाटकों में काम किया। फिर कुछ दिन पत्रकारिता भी की। परंतु मन नहीं लगा और वे हबीब तनवीर के नया थियेटर से जुड़ गये। हबीब साहब के साथ दिल्ली में काम करने के बाद क़िस्मत उन्हें मुंबई ले गई। मुंबई में आकाश दीक्षित ने कई निर्माता,निर्देशकों के लिये धारावाहिक लिखे, सह निर्देशन का काम किया। बाद में वे ख़ुद धारावाहिकों का लेखन,निमार्ण और निर्देशन करने लगे। वे पिछले कुछ सालों से ‘दंगल’ टीवी के लिये लगातार काम कर रहे थे। अपने पेशेवर काम की वजह से वे वर्षों से मुंबई में ही रह रहे थे। उनके पिता प्रोफेसर प्रकाश दीक्षित का कोविड 19 के संक्रमण की वजह से पिछले साल निधन हो गया था। अब आकाश के जाने के बाद परिवार में उनकी अकेली माँ और बहन डॉ.सोनल ही रह गई हैं। आकाश का विवाह बरसों पहले टूट चुका था। उनका एक बेटा ज़रूर है। वह माँ के साथ ही रहता है।

