इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। रंगमंच हमें ज़िंदगी के विविध रंगों से रूबरू कराता है। रंगमच केवल भाव अभिव्यक्ति ही नहीं, ज़िंदगी के मायने भी सिखाता है। इसी मकसद को ध्यान में रखकर ग्वालियर में बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। लगातार तीसरे साल ‘आर्टिस्ट्स कम्बाइन इंस्टीट्यूट ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट्स’ ने बच्चों के लिए रंगमंच के विभिन्न आयामों जैसे मंच, दृश्य विन्यास, वेशभूषा, संवाद, लाइट इफेक्ट्स आदि के ज़रिए कैसे बेहतर नाटक खेला जा सकता है। इस पर हाल ही में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
‘आर्टिस्ट्स कम्बाइन इंस्टीट्यूट ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट्स’ के प्राचार्य संजय लघाटे बताते हैं कि इस सत्र के अतिथि व्याख्यानमाला की शृंखला में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर में नाट्य एवं रंगमंच विभाग के धीरज सोनी रिसर्च स्कॉलर ने रंगमच में ‘दृश्य विन्यास प्रक्रिया’ पर व्याख्यान दिया। दो से छह सितम्बर तक रोजाना शाम साढ़े 6 से साढ़े 8 बजे तक आर्ट नाट्य मंदिर दाल बाज़ार में प्रदर्शन सह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बच्चों को रंगमंच पर दृश्य निर्माण करने की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
नाट्य प्रस्तुति में अभिनेता अपने पात्र के अनुरूप वस्त्र पहनता है, जिसे कॉस्ट्यूम कहा जाता है। एक डिज़ाइनर पात्र के मनोभाव और सामाजिक स्थितियों आदि के अनुरूप ही कॉस्ट्यूम का निर्धारण करता है। बच्चों को कॉस्ट्यूम के इन्ही सब बातों का प्रशिक्षण मोनिया द ग्रेट नाटक के चयनित दृश्य के पात्रों का एनालिसिस करते हुए कराया गया। आर्टिस्ट मेकअप का डेमोंस्ट्रेशन भी दिया, जिसमें कैरेक्टर मेकअप और करेक्शन मेकअप के अंतर को स्पष्ट किया गया। इसके साथ ही बच्चों को एजिंग (चेहरे पर झुर्रियां), क्रैप वर्क (चेहरे पर दाढ़ी बनाना) , मास्क मेकअप की तकनीक भी सिखाई गई।
डिज़ाइन रंगमंच का एक महत्त्वपूर्ण अंग है, जिसके बिना एक प्रभावी नाट्य प्रस्तुति की कल्पना नहीं कि जा सकती। इसीलिए डिज़ाइन प्रोसेस पर आधारित इस कार्यशाला में मंच विन्यास के बारे में बच्चों को बताया गया जिसमे मंच विन्यास की आवश्यकता, मंच विन्यास के प्रकार, मंच विन्यास की प्रक्रिया को समझाया गया। प्रायोगिक स्तर पर ‘मोनिया द ग्रेट’ नाटक की रीडिंग की गई और नाटक के चयनित दृश्य के लिए मंच विन्यास हेतु दृश्य का पाठ किया गया। दृश्य के लोकेशन को पेपर पर ड्राइंग किया। फिर सेट का मॉडल बनाने की तकनीक पर चर्चा हुई। लाइट डिज़ाइन पर चर्चा के दौरान दृश्य निर्माण में मंच आलोकन की आवश्यकता, लाइट के प्रकार तथा डिज़ाइन प्रोसेस पर भी बात की गई। यहाँ विशेषज्ञों ने विद्याथियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया।

