अपने लेखन-जीवन के समग्र अवदान के लिए इस वर्ष का अमर उजाला सर्वोच्च शब्द सम्मान आकाशदीप प्रख्यात कथाकार और ‘पहल’ के संपादक ज्ञान रंजन तथा वरिष्ठ मराठी कवि-लेखक भालचन्द नेमाडे को प्रदान किए जाने की घोषणा हुई है।
ज्ञान रंजन हमारे समय के चेतनासम्पन्न वरिष्ठ कथाकार हैं। वैचारिक प्रतिबद्धता से लैस उनके लेखन में हमें उनकी दृष्टि का दायरा साफ़-साफ़ दिखता है। वे समय और समाज में और उसके आसपास तेज़ी से हो रही तब्दीलियों पर पैनी नज़र रखते हुए उसे इस तरह हमारे सामने रखते हैं कि वह हमारे सामने अपनी पूरी ताजगी के साथ धूप में किसी धातु की तरह चमकने लगता है। ‘फेंस के इधर और उधर’ , ‘घंटा’ , ‘बहिर्गमन’ जैसी कथाओं से हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने वाले कथाकार ज्ञानरंजन और भालचन्द नेमाडे को यह सम्मान मिलने से हिन्दी रचना संसार में ख़ुशी की लहर है।
नेमाडे के उपन्यास पढ़े जाते हैं पूरे देश में : इसी तरह ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी और पद्मश्री से सम्मानित लेखक भालचन्द नेमाडे लिखते तो मराठी में हैं लेकिन उन्हें देशभर में उतने ही आदर से पढ़ा जाता है। उनके हिंदू, झूल, बिढार, कोसला आदि उपन्यास चर्चित रहें हैं। उनका हिंदू उपन्यास काफी चर्चित रहा है। 1963 में प्रकाशित ‘कोसला’ उपन्यास को काफी लोकप्रियता मिली। उनके लेखन में परम्परा के निर्वाह के साथ एक अलग तरह की शैली और भाषा है, जो अपनी आंतरिक लय के साथ पाठक को अपने समय की चुनौतियों और सवालों से रूबरू कराती चलती है। पिछली बार पाँच-पाँच लाख रूपए की धनराशि वाला यह सम्मान हिन्दी में नामवर सिंह और कन्नड़ लेखक गिरीश कर्नाड को दिया गया था।
छाप सम्मानों की भी घोषणा : इस बार छाप सम्मानों के पुरस्कृतों में उपन्यास विधा में ‘पागलखाना’ के लिए ज्ञान चतुर्वेदी, कविता कृति-‘मैं जब तक बाहर आई’ के लिए गगन गिल,कथेतर कृति में ‘रसराज: पंडित जसराज’ किताब के लिए सुनीता बुद्धिराजा तथा पहली किताब के लिए थाप सम्मान में कविता संग्रह-‘कोलाहल की कविताएं’ परअम्बर पांडेय तथा भाषा बन्धु सम्मान के लिए ‘निः शब्द की तर्जनी’ अनुवाद पर उत्पल बैनर्जी को सम्मानित किया जाएगा।
उपन्यास विधा के निर्णायक अब्दुल बिस्मिल्लाह, कविता के अरुण कमल, कथेतर के नन्दकिशोर आचार्य, थाप कविता के लिए अनामिका तथा भाषा बंधु सम्मान के लिए ज्योतिष जोशी थे।
एक-एक लाख की राशि दी जाएगी : इन पाँचों रचनाकारों को एक-एक लाख रूपये की धनराशि के साथ स्मृति चिह्न और शाल श्रीफल से सम्मनित किया जाएगा। पिछले साल छाप सम्मान कविता में आर चेतन क्रान्ति, कहानी में मनीष वैद्य और कथेतर में अनिल यादव को दिया गया था। थाप सम्मान प्रवीण कुमार तथा भाषा बन्धु सम्मान गोरख थोरात को दिया गया था।

