Saturday, May 9, 2026
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इंदौर में हरीश भिमानी,अजित राय,विवेकअग्रवाल की मास्टर क्लास

शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। 14 अप्रैल से शुरू हो रहे स्टेट प्रेस क्लब इंदौर के ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ में इस बार एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस साल से महोत्सव में मास कम्युनिकेशन्स का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिये तीन विशेष नि:शुल्क मास्टर क्लासेस आयोजित होंगी। इन मास्टर क्लासेस के विषय होंगे – ‘वाणी से आजीविका (Voice as a career),फिल्मोत्सव की रिपोर्टिंग और अपराध समाचार पत्रकारिता’। इन क्लासेस में तीनों विषयों के विशेषज्ञ क्रमश: हरीश भिमानी, अजित राय और विवेक अग्रवाल अपने अनुभव साझा करेंगे। छात्रों को उनके पूछे गये सवालों के जवाब देंगे। यह क्लासेस प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रीगल चौराहे के करीब दुआ सभागृह में होंगी। ( संदर्भ चित्र: भारतीय पत्रकारिता महोत्सव की पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए  स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल, साथ में वरिष्ठ पत्रकार नवनीत शुक्ला और रचना जौहरी)विद्यार्थी नोट बुक साथ लेकर आएं : स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल ने मास्टर क्लासेस के विषय में कहा -‘ यह पहला अवसर है, जब हम पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिये इस तरह की विशिष्ट क्लासेस आयोजित कर रहे हैं। इन क्लासेस की कल्पना को लेकर हम काफी समय से विचार करते रहे थे। हम चाहते हैं कि मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थी इन क्लासेस का लाभ लें। अच्छा होगा कि वे अपने साथ में नोट बुक भी लेकर आयें। ताकि महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखकर रख सकें’। ( आयोजन को लेकर विचार-विमर्श: भारतीय पत्रकारिता महोत्सव की पूर्व तैयारी और रूपरेखा पर चर्चा करते हुए अध्यक्ष खारीवाल के साथ स्टेट प्रेस क्लब के पत्रकार साथी।)हरीश भिमानी ने प्रसन्नता जताई : हरीश भिमानी ने स्टेट प्रेस क्लब की इस पहल के लिये बधाई दी है। उन्होंने फोन पर इस संवाददाता से कहा -‘मास्टर क्लासेस का यह अभिनव प्रयास सराहनीय है। पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिये इस तरह की व्यावहारिक कक्षाएं भविष्य की दृष्टि से मार्गदर्शक साबित होंगी’। आपको बता दें, हरीश जी ने काफ़ी समय पहले उनसे हुई चर्चा में इस तरह की कोशिशों की ज़रूरत भी बताई थी। हरीश जी ने बड़ी विनम्रता से कहा – ‘भविष्य में भी स्टेट प्रेस क्लब के साथ इस तरह के कार्यक्रमों का हिस्सा बनते हुए मुझे ख़ुशी होगी’। देश की सर्वाधिक मान्य आवाज़: हम जानते ही हैं, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हरीश भिमानी आज देश की सर्वाधिक मान्य आवाज़ हैं। उन्होंने रेडियो से अपना सफ़र शुरू किया और फिर बॉम्बे में टीवी के समाचार वाचक भी रहे। उन्होंने फिल्म,टीवी,वृतचित्रों और विज्ञापनों के लिये बनाये गये हज़ारों कार्यक्रमों के लिये अपनी आवाज़ दी है। भारत रत्न लता मंगेशकर जी के साथ ही कई बड़े स्टेज शोज़ की मेज़बानी की है। उन्हें आज भी लोग ‘महाभारत’ की आवाज़ ‘मैं समय हूँ’ से पहचानते हैं। वे एक बहुत अच्छे लेखक भी हैं और कई प्रमुख धारावाहिकों,वृत्तचित्रों आदि का लेखन कर चुके हैं। आवाज़ की दुनिया का बढ़ रहा काम: मुंबई में जब भी हरीश जी से मिलने का मुझे अवसर मिला, मैंने उन्हें रिकॉर्डिंग में बेहद व्यस्त पाया है। इसके बावजूद वे किसी भी रेकॉर्डिंग की गुणवत्ता से ज़रा भी समझौता नहीं करते। वे उसकी स्क्रिप्ट, उसके पार्श्व संदर्भ को समझकर ही आगे बढ़ते हैं। वे अपनी रिकॉर्डिंग्ज़ और कार्यक्रमों की व्यस्त श्रंखला के बीच आ रहे हैं। उन्होंने कहा – ‘एक दौर था जब यह क्षेत्र अंधे जंगल की तरह था। आज यह इंडस्ट्री 100 करोड़ से ज़्यादा की हो चुकी है। आज करीब 38 देशों के लिये मैं काम कर रहा हूँ। रेडियो, टीवी, फ़िल्म, कॉर्मिशियल और दूसरे विविध कार्यक्रमों से लेकर पॉडकास्ट तक। यह काम निरंतर बढ़ता जा रहा है। यानी करियर के लिये वॉयस इंडस्ट्री, ख़ासी संभावनाओं से भरी है’। अजित राय पढ़ाएंगे फिल्म फेस्टिवल की रिपोर्टिंग: पत्रकारिता के विद्यार्थियों के बीच आने वाले दूसरे विशेषज्ञ गुरू होंगे, फिल्म और कला समीक्षक अजित राय। वे विशेषकर अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल से जुड़ी रिपोर्टिंग को पढ़ायेंगे। वे वर्षों से कान्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, अल-गौना फिल्म फेस्टिवल और काहिरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा रहे हैं, कई और फिल्म समारोहों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। देश में कुछ विशिष्ठ फिल्म उत्सवों के निदेशकों में भी वे शामिल हैं। अजित जी को आप देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ ‘इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम ‘ पर भी लगातार पढ़ते रहे हैं। वे ना सिर्फ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मोत्सवों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, बल्कि वे मौके से रिपोर्टिंग के साथ-साथ, बेहद सुलझी और उत्कृष्ट समीक्षाएं भी लिखते हैं। विदेशी फिल्म उत्सवों के साथ ही, वे देश के कला उत्सवों में भी सक्रिय नज़र आते हैं। एक रचनाकार पत्रकार के रूप में मेरा उनसे जुड़ाव रहा है। मुझे याद है, लॉक डाउन के वक्त और उसके बाद बहुत दिनों तक वे देश के हज़ारों कलाकारों के संकट में पड़े जीवन यापन पर फिक्र में थे। इस संदर्भ में उनके प्रयासों को लेकर निरंतर चर्चा होती रही थी। तब अजित जी यशा शक्ति जो हो सकता है, उसके लिये प्रयास करते रहे’।  नई पुस्तक से सुर्खियों में अजित राय: अजित राय इन दिनों अपनी नई पुस्तक ‘बॉलीवुड की बुनियाद’ से भी सुर्खियों में है। उनकी इस पुस्तक का लोकापर्ण बीते दिनों लंदन में अक्षय कुमार और हिन्दुजा ब्रदर्श की मौजूदगी में हुआ है। उन्हें बीते वर्ष स्टेट प्रेस क्लब के आयोजन से जोड़ने का अवसर मिला था। यह दूसरा मौका है जब वे स्टेट प्रेस क्लब के मंच पर होंगे, विद्यार्थियों से फ़िल्म फेस्टिवल्स की रिपोर्टिंग से जुड़े विषय पर व्याख्यान देंगे। उन्होंने कहा, ‘स्टेट प्रेस क्लब के माध्मय से इस तरह की पहल मेरे लिये एक अच्छा संयोग है। इस विषय में प्रवीण जी और आपसे चर्चा होती रही है। आप जैसे साथियों के साथ इस तरह के शैक्षणिक और रचनात्मतक प्रयासों को हम आगे बढ़ाते रहेंगे’। अपराध से जुड़े समाचार और पत्रकारिता: तीसरी मास्टर क्लास अपराध से जुड़ी ख़बरों की पत्रकारिता पर होगी। इस विषय को लेकर मास कम्युनिकेशन के स्टूडेंट्स  विवेक अग्रवाल सर से रूबरू होंगे। अपराध से जुड़ी विभिन्न तरह की ख़बरों और ऐसी ख़बरों की पड़ताल से जुड़ा उनका 30 साल से अधिक अनुभव है। विवेक अग्रवाल एक ऐसे लेखक,पत्रकार हैं जो अंडरवर्ल्ड पर बेबाक लेखन के लिये जाने जाते हैं। वे अब तक क्राइम के रियल कंटेट के साथ ही, इस पर आधारित फिक्शन को लेकर 26 किताबें लिख चुके हैं। विवेक मेरे पेशेवर साथी भी रहे हैं। इंडिया टीवी में जिन दिनों मैं क्राइम प्राइम शो – ‘एसीपी अर्जुन’ का प्रोड्यूसर रहा, तब विवेक जी चीफ़ क्राइम रिपोर्टर के रूप में मुंबई से अपनी सेवाएं दे रहे थे।उनके जोखिम भरे काम को लेकर बहुत बार मैं कहता रहा – ‘भाई ज़रा संभलकर!’ वे जवाब देते रहे – ‘मैं ईमानदारी से अपना काम कर रहा हूं, अपराध की दुनिया का सच सामने लाने के लिये’। (फाइल फोटो: स्टेट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारिता महोत्सव के एक पूर्व कार्यक्रम में मेरे साथ विवेक अग्रवाल और सीनियर फोटो जर्नलिस्ट सत्यजीत शिवनेकर)  ईमानदारी से ख़बरों की पड़ताल: ‘जनसत्ता’ जैसे अख़बार से अपना सफ़र शुरू करने वाले विवेक,अब इंडिया क्राइम जैसी वेबसाइट प्रबंधित करने के साथ ही एक कंटेट राइटर और वृत्तचित्रों से जुड़े प्रॉडक्शन्स भी कर रहे हैं। मास्टर क्लास में उनसे क्राइम न्यूज़ रिपोर्टिंग के बारे में जानना और चर्चा करना विद्यार्थियों के लिये एक दिलचस्प अनुभव होगा। आगे पढ़िये –

कब मिलेगा किसी भारतीय फ़िल्म को ऑस्कर? क्या ऐसा हो सकता है?


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