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सिने प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। 54 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में अब्बास अमीनी की फारसी भाषा की फ़िल्म ‘एंडलेस बॉर्डर्स’ ने सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का गोल्डन पीकॉक पुरस्कार जीता है। वहीं बुल्गारिया के निर्देशक स्टीफ़न कोमांडेरेव को ‘ब्लागाज लेसन्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, ‘एंडलेस बॉर्डर्स’ में अभिनय के लिये पौरिया रहीमी सैम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरूष) और ‘पार्टी ऑफ फूल्स’ में अभिनय के लिये मेलानी थिएरी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) के सिल्वर पीकॉक से सम्मानित किया गया।
‘ड्रिफ्ट’ को आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी पदक: एंथोनी चेन की फिल्म ‘ड्रिफ्ट’ ने आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी पदक प्राप्त किया। भारतीय फिल्मकार ऋषभ शेट्टी को उनकी फ़िल्म ‘कांतारा’ के लिए विशेष जूरी और रेगर आज़ाद काया को ‘व्हेन द सीडलिंग्स ग्रो’ के लिए निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फीचर फिल्म का अवॉर्ड दिया गया है।
‘पंचायत सीज़न 2’ सर्वश्रेष्ठ वेब सिरीज़: हिंदी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज़ ‘पंचायत सीज़न 2′ ने पहला सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज़ (ओटीटी) पुरस्कार 2023 जीता है। दीपक कुमार मिश्रा निर्देशित इस सिरीज़ को चंदन कुमार ने लिखा है। पुरस्कारों की घोषणा गोवा में मंगलवार को संपन्न हुए भव्य समापन समारोह में की गई।
डगलस को प्रतिष्ठित सत्यजीत रे अवॉर्ड: हॉलीवुड अभिनेता एवं निर्माता माइकल डगलस को 54वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट के प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। डगलस के साथ मशहूर अभिनेत्री और समाज सेवी पत्नी कैथरीन जेटा जोन्स और पुत्र अभिनेता डिलन डगलस भी मौजूद थे।
पुरस्कार पर डगलस ने जताई ख़ुशी: माइकल डगलस ने पुरस्कार पर आभार जाते हुए कहा, “यह पुरस्कार पाना उनके लिये बड़े सम्मान की बात है। यह उनके पूरे करियर के लिये एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब मैंने इस पुरस्कार के बारे में सुना तो मैं और मेरा परिवार बेहद खुश हुए। डगलस ने भारतीय सिनेमा की प्रशंसा करते हुए कहा कि आरआरआर, ओम शांति ओम और लंच बॉक्स उनकी कुछ पसंदीदा भारतीय फिल्में हैं। उन्होंने कहा, सिनेमा में लोगों को एकजुट करने और उनमें बदलाव लाने की शक्ति है।
देखिये एक नज़र में पूरी विनर लिस्ट:
सर्वश्रेष्ठ फिल्म: एंडलेस बॉर्डर्स
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: स्टीफन कांडेरेव-‘ब्लागाज लेसन्स’
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: पौरिया रहीमी सैम-‘एंडलेस बॉर्डर
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: मेलानी थिएरी -‘पार्टी ऑफ फूल्स’
निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म: रेगर आज़ाद काया-‘व्हेन द सीडलिंग्स ग्रो’
विशेष जूरी पुरस्कार: ऋषभ शेट्टी-फिल्म ‘कंतारा’
सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी): पंचायत सीजन 2
आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी पदक: ड्रिफ्ट
प्रतिष्ठित सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: माइकल डगलस, हॉलीवुड अभिनेता
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का महोत्सव: सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर माइकल डगलस के साथ ही गोल्डन पीकॉक अवार्ड्स और वेब सिरीज (ओटीटी) के लिए पुरस्कृत के विजेताओं को बधाई दी। समापन समारोह को एक वीडियो संदेश के ज़रिये सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा- ‘फिल्म महोत्सव विविधता में एकता का उत्सव था, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के दर्शन को अपनाने की अपील की है। उसी भावना के अनुरूप यह महोत्सव आयोजित हुआ’। (फिल्म ‘ब्लागाज लेसन्स’ का दृश्य, इस फ़िल्म के लिये बुलगारिया के स्टीफ़न कोमांडेरेव को मिला सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार)
78 देशों की 250 फिल्में दिखाईं गईं: श्री ठाकुर ने कहा-‘इस बार 78 देशों की 68 अंतर राष्ट्रीय और 17 भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली करीब 250 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में 23 मास्टरक्लास और इन-कन्वर्सेशन सेशन शामिल थे। महोत्सव में महिलाओं की बनाई 40 से अधिक फिल्मों को शामिल किया गया’।
राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन को बधाई: श्री ठाकुर ने पुरानी क्लासिक फिल्मों को रिस्टोर करने की कोशिशों के लिये राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन को बधाई दी। उन्होंने कहा, 4k डिजिटल प्रारूप में अलग-अलग भाषाओं की 5,000 से अधिक फिल्मों और वृत्तचित्रों को रिस्टोर किये जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि रिस्टोर की गई 7 फिल्मों को महोत्सव के विशेष क्यूरेटेड खंड में दिखाया गया। ‘द फिल्म चैलेंज’ में “75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो’ के प्रतिभाशाली युवाओं की बनाई फिल्में भी विचोरोत्तेजक रहीं। इनमें पर्यावरण की रक्षा जैसे विषय शामिल रहे। महोत्सव को सफल बनाने के लिए एनएफडीसी और मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली गोवा सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। आगे पढ़िये –
8 भाषाओं में, 8 कहानियों के 8 नाटकों के मंचन का अनूठा रिकॉर्ड!

