IFFI 53rd 2022: इंदौर स्टूडियो,सिने प्रतिनिधि। ‘अभिनय ही मेरा जीवन है, मेरा सबकुछ है। अभिनय के लिये मेरी प्यास बुझाने के लिए सिर्फ एक जीवन ही काफी नहीं है।’ इफ्फी के 53वें फ़िल्म महोत्सव के कार्यक्रम ‘इन कनवर्सेशन’ में यह बात बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्धीन सिद्दीक़ी ने कही। उन्होंने कहा, ग्रेजुएट होने के बाद, उन्होंने थोड़े समय के लिए एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में एक केमिस्ट के रूप में काम ज़रूर किया। अभिनेता बनने के सपने को पूरा करने के लिए वह जल्द ही थिएटर से जुड़ गए। आखिरकार, उन्हें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली में दाखिला मिला।जहाँ रहकर उन्होंने अपने प्रोफेशन के बारे में बहुत कुछ सीखा।
छोटी भूमिकाएं स्वीकार करना मजबूरी था: नवाज़ुद्दीन ने बताया शुरूआत के दिनों में उन्हें छोटी भूमिकाएं स्वीकार करना पड़ा क्योंकि उनके पास उस वक्त कोई विकल्प नहीं था। उन्हें हर हाल में फिल्मों में बने रहना था। उन्होंने कहा, “कठिन समय ही आपको मजबूत बनाता है।”गैंग्स ऑफ वासेपुर उनके अभिनय करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ कैसे साबित हुआ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने उन्हें खुद पर विश्वास करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास था कि इसके बाद मेरे संघर्ष खत्म हो जायेगा और लोग इस फिल्म की सराहना करेंगे।”
‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी वेबसीरिज़ में काम करना नहीं चाहता था: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब-सीरीज में काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सीरीज में काम करने से झिझक रहे थे क्योंकि उन्हें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि अनुराग कश्यप ने उन्हें इन प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए मना लिया। गौरतलब है कि ‘सेक्रेड गेम्स’ वेब सीरीज नेटफ्लिक्स पर काफी हिट हुई थी। नवाज़ुद्दीन ने बायोपिक फिल्मों में बहुमुखी भूमिकाएं निभाने के बारे में अपने अनुभव को भी साझा किया, जहां मंटो में उन्होंने प्रमुख उर्दू लेखक सआदत हसन मंटो का किरदार निभाया, तो ठाकरे में उन्होंने भारतीय राजनेता बाल ठाकरे की भूमिका निभाई। यह पूछे जाने पर कि उन्हें रोजाना काम करने की प्रेरणा और ऊर्जा कहां से मिलती है, नवाजुद्दीन ने कहा कि अभिनय मेरा शौक है और मैं इससे नहीं थकता। उन्होंने आगे कहा, “अभिनय मेरा सब कुछ है, यह मेरा जीवन है। यहां तक कि एक जीवन अभिनय के लिए मेरी प्यास बुझाने के लिए काफी नहीं है।” सत्र के दौरान अभिनेता ने अपनी आगामी फिल्म ‘हड्डी’ में ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी भूमिका पर कुछ किस्से भी साझा किए। (इनपुट पीआईबी)
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छोटी भूमिकाएं स्वीकार करना मजबूरी था: नवाज़ुद्दीन ने बताया शुरूआत के दिनों में उन्हें छोटी भूमिकाएं स्वीकार करना पड़ा क्योंकि उनके पास उस वक्त कोई विकल्प नहीं था। उन्हें हर हाल में फिल्मों में बने रहना था। उन्होंने कहा, “कठिन समय ही आपको मजबूत बनाता है।”गैंग्स ऑफ वासेपुर उनके अभिनय करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ कैसे साबित हुआ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने उन्हें खुद पर विश्वास करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास था कि इसके बाद मेरे संघर्ष खत्म हो जायेगा और लोग इस फिल्म की सराहना करेंगे।”
‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी वेबसीरिज़ में काम करना नहीं चाहता था: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब-सीरीज में काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सीरीज में काम करने से झिझक रहे थे क्योंकि उन्हें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि अनुराग कश्यप ने उन्हें इन प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए मना लिया। गौरतलब है कि ‘सेक्रेड गेम्स’ वेब सीरीज नेटफ्लिक्स पर काफी हिट हुई थी। नवाज़ुद्दीन ने बायोपिक फिल्मों में बहुमुखी भूमिकाएं निभाने के बारे में अपने अनुभव को भी साझा किया, जहां मंटो में उन्होंने प्रमुख उर्दू लेखक सआदत हसन मंटो का किरदार निभाया, तो ठाकरे में उन्होंने भारतीय राजनेता बाल ठाकरे की भूमिका निभाई। यह पूछे जाने पर कि उन्हें रोजाना काम करने की प्रेरणा और ऊर्जा कहां से मिलती है, नवाजुद्दीन ने कहा कि अभिनय मेरा शौक है और मैं इससे नहीं थकता। उन्होंने आगे कहा, “अभिनय मेरा सब कुछ है, यह मेरा जीवन है। यहां तक कि एक जीवन अभिनय के लिए मेरी प्यास बुझाने के लिए काफी नहीं है।” सत्र के दौरान अभिनेता ने अपनी आगामी फिल्म ‘हड्डी’ में ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी भूमिका पर कुछ किस्से भी साझा किए। (इनपुट पीआईबी)कलाकारों से जुड़ी दिलचस्प सामग्री के लिये देखते और पढ़िये रहिये https://indorestudio.com/

