इंदौर स्टूडियो,कला प्रतिनिधि। दिल्ली के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में प्रख्यात लेखक और कवि बीएल गौड़ की पुस्तक ‘काव्य समग्र’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री राम बहादुर राय ने की। आयोजन में प्रमुख वक्ताओं के रूप में हंसराज कालेज के प्राचार्य प्रोफ़सर रमा, प्रसिद्ध गीतकार और समीक्षक डॉ.ओम निश्चल तथा जाने-माने गीत और ग़ज़लकार बालस्वरूप राही सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि बीएल गौड़ जी की अभी तक तक 20 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी पुस्तके हिंदी साहित्य और कविताओं पर आधारित हैं। (विमोचन कार्यक्रम में बांए से प्रो.रमेश चंद्र गौड़, बीएल गौड़, पद्मश्री राम बहादुर राय, डॉ.ओम निश्चल, प्रो. रमा और श्री बालस्वरूप राही)
155 गीतों का काव्य संग्रह: ‘काव्य समग्र’ पुस्तक श्री गौड़ के गीतों का संग्रह है, इसमें उनके 155 गीत शामिल किये गये हैं। कार्यक्रम में शामिल प्रमुख वक्ताओं ने पुस्तक में समाहित अनेक गीतों पर चर्चा की। उनकी विशिष्टताओं की तरफ ध्यान आकर्षित किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राय साहब ने भी दो गीतों की चर्चा की। इस दौरान डॉ. ओम निश्चल ने सस्वर गीत पाठ भी किया। उन्होंने पुस्तक में शामिल गीतों पर अपना वक्तव्य रखा। साथ ही यह गीत सुनाया –
पंखुरी की देह पर
ओस के कण देखकर
एक पल को यों लगा
ज्यों किसी ने थामकर आंसू किसी के
ला बिखेरे फूल पर
कार्यक्रम में कई साहित्यकार हुए शामिल: विमोचन का यह कार्यक्रम प्रो. रमेश गौड़ के समन्वयन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अनेक काव्य प्रेमियों, साहित्यकारों,गजलकारों ने हिस्सा लिया। इनमें डॉ उपेंद्र नाथ रैणा, डॉ हरीश सिंह पाल, डॉ राकेश पाण्डेय,डॉ अनिल चतुर्वेदी, श्री तरुण कुमार, प्रसिद्ध वकील दर्शनानंद गौड़, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद से श्री नारायण कुमार, चाणक्य पत्रिका के संपादक डॉ अमित जैन, नेशनल एक्सप्रेस के संपादक विपिन गुप्ता, डॉ अनीता और विजय श्रीवास्तव, श्री एवं श्रीमती राजेन्द्र निगम निगम, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्रा प्त कवित्रियां डॉ सरिता शर्मा और डॉ कीर्ति काले, डॉ जगदीश व्योम आदि शामिल रहे। इसके साथ ही प्रसिद्ध उड़िया नृत्यांगना सुश्री चंदा राउल और ख्यात ग़ज़लकार विज्ञान व्रत भी सम्मिलित हुए। पद्मश्री राम बहादुर राय ने अपने उद्बोधन में शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया और अंत में उप निदेशक श्रीमति साफिया अलकबीर ने सभी को चाय पर चलने का निवेदन किया। आभार बीएल गौड़ ने माना।

