कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। ‘हर थिएटर कलाकार अपने आप में स्टार होता है। ज़िंदगी में चाहे जो करें, साथ में थिएटर चलता रहे। युवा पीढ़ी के कलाकार अपनी साहित्य की समझ को और बेहतर करने के लिए खूब पढ़ें’। ये बातें ख्यात गीतकार, गायक एवं अभिनेता स्वानंद किरकिरे ने इंदौर में कही।
अभिनव कला समाज सौजन्य भेंट के लिए पधारे स्वानंद किरकिरे को जब पता चला कि परिसर में ही सूत्रधार की वार्षिक नाट्य प्रतियोगिता के अंतर्गत एकल स्पर्धा चल रही है तो वे सत्यनारायण व्यास के छोटे से आग्रह पर ही रंगकर्मियों के बीच पहुँचे गये। उन्होंने अनौपचारिक अंदाज़ में आकर साबित कर दिया कि वे भले कितने सफल हो गए हों, लेकिन उनके भीतर का रंगकर्मी अभी भी वैसा ही है। श्री किरकिरे ने स्पर्धा के निर्णायक श्री सुशील जौहरी और दूसरे रंगकर्मियों के साथ इंदौर में अपने आरंभिक थिएटर के दिनों को याद किया।
एक सवाल के जवाब में स्वानंद किरकिरे ने कहा कि थिएटर को यदि सरकार के भरोसे रहना पड़े तो क्या अर्थ निकला। मराठी थिएटर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मराठी में रंगकर्मी कमाल काम कर रहे हैं। उनके शो हाउस फुल रहते हैं और थिएटर प्रेमी टिकट खरीदकर देखते हैं। यही हर भाषा में, हर शहर में होना चाहिए।
स्वानंद किरकिरे की वेब सिरीज़ “बैंडवाले” इन दिनों अमेज़न प्राइम में धूम मचा रही है। इसमें वे ब्रास बैंड सिंगर की भूमिका निभा रहे हैं। वे जया बच्चन , विकास बहल, सूरज बड़जात्या से जुड़े आगामी फ़िल्म प्रोजेक्ट्स के साथ भी काम कर रहे हैं। उनके म्यूज़िक शोज़ भी दर्शकों की पसंद बने हुए हैं। बतौर गीतकार वे इन दिनों चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। आगे पढ़िये – दास्तानगोई शो ‘जो डूबा वो पार’ पर विशेष रिपोर्ट। https://indorestudio.com/jo-dooba-wo-par-dasatangoi-triveni75/

