Wednesday, May 13, 2026
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दिल ही तो है..अनदेखी बुलंदियों में उड़ान भरने की कला !

डॉ.राहत इंदौरी के साथ शकील अख़्तर

विवेक अग्रवाल, (इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम)। ‘शकील अख़्तर की शायरी खुली फिजाँ में सांस लेने और अनदेखी बुलंदियों में उड़ान भरने की कला है। उन्होंने मेरी बात पर भरोसा किया और अपनी कविताओं को किताब की शक्ल में महफूज़ करने का काम किया,मैं इसके लिए उन्हें दिली मुबारकबाद देता हूं ।‘ मशहूर शायर डॉ. राहत इंदौरी ने यह बात शकील अख़्तर के कविता संग्रह- ‘दिल ही तो है’ के विमोचन के अवसर पर कही। यह अनौपचारिक कार्यक्रम डॉ. राहत इंदौरी में अनूप नगर स्थित उनके निवास पर इसी साल जनवरी 2018 में रखा गया था। इस कार्यक्रम इस रिपोर्ट के लेखक के साथ ही स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, अध्यात्मिक गुरू कैलाश नागर, संगीत शिक्षा से जुड़ी शाहिदा बेग, संगीतकार पिंटू कसेरा शकील अख़्तर से जुड़े कुछ और मित्र मौजूद थे। इस कार्यक्रम का आयोजन शकील अख़्तर के परिवार की तरफ से डॉ. प्रेरणा इशरत गर्ग, सफिया अख़्तर ने किया था।

संग्रह के संपादक विवेक अग्रवाल

राहत साहब ने बढ़ाया हौसला : शकील अख़्तर की रचनाओं को सुनने के बाद डॉ. राहत इंदौरी ने ही उन्हें अपना संग्रह जल्द प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया था जिसके बाद उन्होंने इस दिशा में प्रयास किया, स्टोरी मिरर डॉट कॉम ने उनकी कविताओं का संग्रह प्रकाशित किया। शकील अख़्तर करीब 28 साल पुराने दोस्त और पत्रकारिता के साथी हैं। इसलिए इस किताब को संयोजित और संपादित करने का का काम सहर्ष ही मैंने स्वीकार किया। कार्यक्रम के बाद डॉ. राहत इंदौरी ने अपने इंटरव्यू में कहा- ‘एक शायर की ये ख्वाहिश होती है कि उसकी किताब पब्लिश हो, सोचते बहुत से लोग हैं लेकिन यह बात पूरी हो जाए, यह खुशनसीबी की बात होती है। उम्मीद है, उनके काम को लोग पसंद करेंगे और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले शकील इंदौर का नाम और भी रोशन करेंगे।‘ आपको बता दें इस कविता संग्रह के इंदौर के कार्यक्रम के अलावा दिल्ली पुस्तक मेले में भी आयोजन हुआ है। शकील के देश-विदेश में फैले लेखक,पत्रकार और कलाकार साथियों ने उनकी रचनाओं की प्रशंसा की है। शकील जी का उन साथियों के साथ मेल-मुलाकातों ओर किताब पर चर्चा-भेंट का सिलसिला लगातार चल रहा है।

दिल्ली पुस्तक मेले में दूसरा कार्यक्रम : इस संग्रह के विमोचन से जुड़ा दूसरा कार्यक्रम दिल्ली में हुआ। दिल्ली पुस्तक मेले में स्टोरी मिरर के स्टॉल पर यह संक्षिप्त कार्यक्रम हुआ। इसमें स्टोरी मिरर के प्रमुख देवेंद्र जायसवाल के साथ ही पं. मुस्तफ़ा आरिफ़ भी मौजूद थे। पुस्तक मेले में सीनियर जर्नलिस्ट हेमंत शर्मा को भी किताब भेंट करने का अवसर आया। उन्होंने किताब के प्रकाशन पर अपने जर्नलिस्ट साथी शकील की प्रशंसा की। कहा, ‘शकील की यह प्रतिभा टेलिविजन कार्यक्रमों के लेखन के पीछे छिपी रही मगर अब वह सामने आई है। वे एक अच्छे गीतकार भी हैं। मैं उनकी किताब के प्रकाशन पर हार्दिक शुभकामना देता हूं।‘

दिल्ली पुस्तक मेले में स्टोरी मिरर के स्टॉल पर विमोचन का दूसरा कार्यक्रम
ग्वालियर में डॉ. प्रकाश दीक्षित को संग्रह भेंट

ग्वालियर में डॉ. प्रकाश दीक्षित को पुस्तक भेंट:कविता संग्रह ‘दिल ही तो है’ के लिए डॉ. राहत इंदौरी के साथ ही देश की कुछ साहित्यकारों ने भी अपनी टिप्पणियां लिखी हैं। इनमें ग्वालियर के कवि और लेखक डॉ. प्रकाश दीक्षित भी शामिल है। एक अलग कार्यक्रम में ग्वालियर में उनके निवास पर किताब भेंट की गई। डॉ. दीक्षित के परिवार से शकील अपने युवा दिनों से जुड़े रहे हैं। वे उनके बेटे आकाश दीक्षित के साथ रंगमंच पर काम कर चुके हैं। ग्वालियर से ही शकील ने हिन्दी साहित्य में एमए किया और यहाँ शौकिया थिएटर से जुड़े रहे। अखबार और आकाशवाणी से सम्बद्ध रहे।

( ऊपर की तस्वीरों में  बायीं ओर इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के साथ मनोहर लिम्बोदिया और दायीं तरफ की तस्वीर में वरिष्ठ पत्रकार,संपादक रमण रावल। )

लेखक-पत्रकार-कलाकार मित्रों के बीच ‘दिल ही तो है’ : इस किताब को लेकर मेल-मुलाकात और संग्रह भेंट के कई और कार्यक्रम वरिष्ठ पत्रकार मित्रों, गुरूजनों, कलाकारों के बीच जारी रहे। इनमें सीनियर जर्नलिस्ट श्री रमण रावल,प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी, सीनियर जर्नलिस्ट मनोहर लिम्बोदिया और नोएडा में कनाडा में इन दिनों रह रहे पत्रकार,एंकर नीरज दीवान और टीवी पत्रकार ओम जैसे शकील के बहुत से मित्र और स्नेहीजन शामिल हैं। हाल ही में कोलकाता से दिल्ली आए साहित्यिक पत्रिका ‘ताना-बाना’ के संपादक राकेश श्रीमाल और ख्यात चित्रकार कवि सीरज सक्सेना, इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी, नागपुर में लोकमत के संपादक विकास मिश्र और दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक मणिकांत सोनी जैसे मित्रों से भी शकील अख़्तर मिले और उन्हें अपना कविता संग्रह भेंट किया। राकेश श्रीमाल ने शकील की रचनाओं की जबरदस्त प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘हज़ार नगमे साथ लिए’ जैसी रचना सुनकर टिप्पणी की, शकील की यह एक बेमिसाल रचना है।

( नीचे के चित्रों में  बायीं ओर लोकमत के संपादक विकास मिश्र, बायीं ओर नागपुर दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक मणिकांत सोनी। उनके नीचे के चित्रों में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राकेश श्रीमाल,चित्रकार-कवि सीरज सक्सेना )

( ऊपर की पहली तस्वीर में जर्नलिस्ट नीरज दीवान, ओम कश्यप और दूसरी तस्वरी में संगीतकार मित्र दिलीप बोस पत्नी श्रीमती अनीता शीरीन अख़्तर के साथ )

इसी क्रम में अनूठा डॉट कॉम के संस्थापक उदयन अग्रवाल और इंदौर के साउंड इंजीनियर पीटर जमरा से भी यादगार मुलाकात हुई। उदयन इस किताब को ऑन लाइन पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। किताब ऑनलाइन के साथ ही फोन पर भी ऑर्डर कर हासिल की जा सकती है। देखे नीचें लिंक और फोन नंबर।

युवा संगीतकारों के बीच ‘दिल ही तो है’ : 100 से ज़्यादा कविताओं की इस पोएट्री बुक में शकील के लिखे कुछ गीत भी शामिल किये गये हैं। उनके गीत मुंबई के चर्चित सांग प्रोड्यूसर मेघदीप बोस और उनके गायक और संगीतकार पिता दिलीप बोस ने भी कंपोज़ किये हैं। मेघदीप के ज़रिये ही शकील अख़्तर की किताब मुंबई के संगीतकार अमाल और अरमान मलिक को भेंट की गई है। इन संगीतकारों ने भी शकील की रचनाओं और गीतों की प्रशंसा की है। कई हिट फिल्मों के संगीतकार अमाल ने कहा है कि वे संग्रह से कुछ रचनाओं को जल्द कंपोज़ करने का इरादा रखते हैं। ( नीचे की तस्वीर में बॉलीवुड के चर्चित गायक, संगीतकार अमाल और अरमान मालिक, उनके पास वाली तस्वीर में सांग प्रोड्यूसर,गायक मेघदीप बोस)

नरहरि पटेल से यादगार मुलाक़ात: हाल ही में मालवा के प्रतिष्ठित लेखक और कवि नरहरि पटेल ने शकील की रचनाओं का सुना और पढ़ा। शकील अख़्तर ने 85 साल के इस वयोवृद्ध रचनाकार से उनके साकेत नगर स्थित निवास पर मुलाकात की। मालवा की माटी के इस दिग्गज को अपनी किताब भेंट की,अपनी रचनाएं सुनाकर आर्शीवाद लिया।

नरहरि पटेल ने शकील की रचनाओं को सुनकर कहा, ‘अरसे बाद उन्हें ऐसी रूहानी रचनाएं सुनने को मिली हैं। इस योगी ने कहा -‘ शकील की रचनाओं ने रात की नींद उड़ा देने वाला नशा दे दिया है।‘ शकील अख़्तर के साथ मौजूद उदयन अग्रवाल से श्री पटेल ने कहा- ‘तुम गवाह रहना, कहीं मेरे शब्द झूठे ना पड़ जाएँ।’ उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा, शकील इतनी गहरी संवेदनाएं साथ में लेकर घूम रहे थे, शायद इसका उन्हें भी पता नहीं था कि वे कितने गहरे लेखक और रचनाकार हैं। मैं इस अच्छे रचनाकार को उनके काम के लिए बधाई और बहुत आर्शीवाद देता हूं।‘

किताब ऑर्डर लिंक: https://www.anootha.com/books/489-dil-hi-to-hai-hindi-by-shakeel-akhter.html call now :+91 8889977755 | WhatsApp: +91 8889977754

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