Saturday, May 9, 2026
Homeकला खबरेंइक़बाल नियाज़ी की 2 शॉर्ट फ़िल्मों को 3 फ़िल्मोत्सवों में 23 पुरस्कार

इक़बाल नियाज़ी की 2 शॉर्ट फ़िल्मों को 3 फ़िल्मोत्सवों में 23 पुरस्कार

Getting your Trinity Audio player ready...

शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। वरिष्ठ लेखक-निर्देशक इकबाल नियाज़ी की बनाई दो शॉर्ट फिल्मों को धमाकेदार कामयाबी मिली है। दोनों पर पुरस्कारों की बरसात हो रही है। ‘खिड़कियाँ’ और ‘धुआँ’ नाम से बनाई गई इन फ़िल्मों को 3 फिल्मोत्सवों में कुल मिलाकर 23 पुरस्कार मिले हैं। पुरस्कार लेखन,निर्देशन,अभिनय से लेकर सिनेमैटोग्राफी तक मिले हैं। यह उनके प्रॉडक्शन बैनर और थियेटर ग्रुप किरदार आर्ट अकादमी के लिये भी एक उपलब्धि की बात है।    वो फ़िल्मोत्सव जिनमें मिले पुरस्कार: नियाज़ी की फ़िल्मों ने जिन उत्सवों में यह बड़ी कामयाबी हासिल की है उनके नाम हैं – सिनेमा आइकन इंटरनेशनल, दक्षिण भारत इंटरनेशनल और कन्याकुमारी इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल। बड़ी बात यह भी है कि दोनों ही फिल्मों को सभी श्रेणियों में पुरस्कार मिले हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कहानी, सर्वश्रेष्ठ पटकथा, सर्वश्रेष्ठ संवाद, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर के पुरस्कार शामिल है। इस तरह यह किरदार प्रॉडक्शन हाउस और नोबल रील्स प्रॉडक्शन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इन फिल्मों के निर्माता ताजुद्दीन हमदुले साहब हैं।किस फ़िल्म को मिले सर्वाधिक पुरस्कार: तीनों फिल्मोत्सवों में ‘खिड़कियाँ’ को 14 और ‘धुआँ’ को 9 पुरस्कार मिले हैं। ‘खिड़कियाँ’ का “गदीमा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल” के लिए आधिकारिक चयन भी हुआ है। श्री नियाज़ी ने कहा, यह तो शुरूआत है, कुछ और फ़िल्म उत्सवों के नतीजे आना अभी बाक़ी है। उन्होंने कहा, किरदार और अल्फा मूवीज के बैनर तले उनकी अगली फिल्म -‘एक चादर ऐसी भी’ की शूटिंग आगामी दिसंबर से शुरू होगी । इसके अलावा 12 से अधिक लघु फिल्मों के निर्माण की भी योजना बनाई गई है’।बुज़ुर्गों की मर्मस्पर्शी फ़िल्म ‘खिड़कियाँ’: इकबाल नियाज़ी के मुताबिक, फिल्म -‘खिड़कियाँ’ मानवीय मूल्यों पर आधारित एक मर्मस्पर्शी फिल्म है। फिल्म में बुज़ुर्गों के अकेलेपन और उनके प्रकृति से प्रेम को बड़े प्रतीकात्मक और स्वाभाविक ढंग से पेश किया गया है। फिल्म में अनजान श्रीवास्तव और फिल्म अभिनेता आमिर खान की बड़ी बहन निखत खान ने अभिनय किया है। फ़िल्म के दूसरे कलाकारों में सिद्धांत नायक और पूजा शामिल हैं। स्कूल से कॉलेज तक, नशे का ‘धुआँ’: वरिष्ठ लेखक और निर्देशक ने बताया- ‘धुआं’ स्कूल-कॉलेज के छात्रों में बढ़ती नशे की लत और उसके बुरे प्रभावों को दर्शाती एक गंभीर फ़िल्म है। यह एक प्रेरक फ़िल्म है जो युवाओं बड़ी सीख देती है। फ़िल्म में मशहूर अभिनेत्री ज़रीना वहाब ने अभिनय किया है। शिवकांत लखनपाल, शायना खान, विशाखा, आयुष मास्टर फैजान जैसे कलाकारों की भी फिल्म अहम भूमिकाएं हैं। फिल्म में अभिनय के लिये ज़रीना वहाब और शिवकांत को अभिनय के लिए और मुझे कहानी,पटकथा और निर्देशन के लिए पुरस्कृत किया गया है। 40 सालों से उर्दू थियेटर की आवाज़: बता दें कि इकबाल नियाज़ी किरदार आर्ट अकादमी, मुंबई के अध्यक्ष हैं और किरदार के माध्यम से वे 40 सालों से उर्दू रंगमंच के लिये लेखन,निर्देशन और निर्माण का निरंतर का काम कर रहे हैं। उनके निर्देशन में सौ से अधिक नाटक मंचित हुए हैं। यह पहला मौका है जब उन्होंने फिल्म निर्माण में ताजुद्दीन हमदुले के साथ क़दम रखा है। उनके इस कोशिश को शुरूआत से ही ख़ासी सफलता मिल रही है। आगे पढ़िये –

जानिये उन 10 फिल्मों के बारे में जिनमें से एक को मिलेगा गाँधी मेडल

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

जावेद अहमद शाह ख़ान "अल-हिंदी" on रंगमंच की नई उड़ान…सौम्या व्यास