Wednesday, September 9, 2026
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इश्क़ जले तो जले ऐसा: यह इश्क़ है ड्रामा नहीं

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। ‘बड़ी-बड़ी शख़्सियतों पर नाटक बहुत से लिखे गये हैं। ज़्यादातर में उनके घर-परिवार और उनके काम की तारीफ़ की गई है लेकिन उर्दू ड्रामा ‘इश्क़ जले तो जले ऐसा’ में ऐसा कुछ नहीं है। रूमानी टॉपिक का यह एक सच्चा ड्रामा है’। मुंबई के मशहूर लेखक और निर्देशक मुजीब ख़ान ने इस नाटक के बारे में पूछे गये सवाल पर यह बात कही। आपको बता दें सादिक़ अंसारी ने इस नाटक को लिखा है। इसका पहला शो बीते वर्ष 3 दिसंबर को मुंबई में हुआ था। अंधेरी,मुंबई के आदर्श नगर में मौजूद शाकुन्तलम् स्टूडियो के इसके पहले ही शो को ख़ासी सराहना मिली थी। इसके शो आज भी जारी है। पढ़िये पहले शो के वक्त लिखी गई यह रिपोर्ट। नाटक में अमृता और इमरोज़ की ज़िदंगी: मुजीब ख़ान ने बताया, यह नाटक प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम की ज़िदंगी पर आधारित है। इसमें अमृता प्रीतम और इमरोज़ की ज़िदंगी के उन मुख्य हिस्सों को दिखाया गया है, जिसपर बहुत कम लोगों की निगाह जाती है। नाटक शेरो शायरी से भरपूर है जो पुरानी और नई पीढ़ी दोनों को प्रभावित करता ही है। नाटक में साहिर नहीं है, इस बात का दर्शकों को अहसास तक नहीं होता। अमृता के ज़रिये ही दर्शक साहिर को महसूस करते हैं। उधर इमरोज़ की अपने ज़मीर से बार-बार लड़ाई देखकर उनकी जिज्ञासा और भी बढ़ जाती है। नाटक में आगे क्या होगा, दर्शक यह समझ भी नहीं पाते और नाटक अपनी मंज़िल की ओर बढ़ जाता है।कम ही देखने को मिलता है ऐसा ड्रामा: वरिष्ठ लेखक और निर्देशक ने कहा, रूमानी टॉपिक पर ऐसा सच्चा ड्रामा बहुत कम देखने को मिलता है। ड्रामे की टैग लाइन है ‘यह इश्क़ है ड्रामा नहीं’। इसे देखने के बाद लगता है सचमुच यह इश्क़ ही है। इसे तैयार करने में हम सब इस नाटक के इश्क में डूबे रहे। लेखक का इश्क़, निर्देशक का इश्क़, कलाकारों का इश्क़ और नाटक को तैयार करते समय हमारा इश्क़ नाटक से हो जाये तब ऐसा ही खूबसूरत प्रॉडक्शन तैयार होता है। दर्शक नाटक के जादू में खोने लगता है: नाटक में जिस साधारण से आदमी की एंट्री होती है उसके बारे में बाद में रहस्य खुलता है कि आने वाला आदमी असल में इमरोज़ है। इमरोज़ से अमृता अपनी किताब का फ्रंट पेज बनवाना चाहती है। यह दृश्य एक मामूली बात से शुरू होता है और फिर यह ग़ैर मामूली बात में बदल जाता है। सूत्रधार जैसे-जैसे कहानी को बयान करता है, दर्शक नाटक के जादू में खुद को खोने लगते  हैं। नाटक में इमरोज़ की भूमिका में युक्तार्थ श्रीवास्तव और अमृता प्रीतम की भूमिका में कृतिका गायकवाड़ हैं। जबकि ज़मीर हाशिम सैयद और सूत्रधार की भूमिका तेजस पारेख निभा रहे हैं। आगे देखिये इस नाटक का शॉर्ट वीडियो – https://www.youtube.com/watch?v=O8yl7P-C9Kw

 

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