Wednesday, May 13, 2026
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गर्वनर को उड़ाने से पहले क्रांतिकारियों के बीच फटा इंसानियत का बम

भोपाल,6 नवंबर 2018 (इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम )। राजधानी में संपन्न हुए विभा मिश्रा स्मृति नाट्य समारोह में दूसरे 26 अक्टूबर को नाटक ‘ जायज़ हत्यारे’ का मंचन हुआ। यह नाटक मूल रूप से अल्वेयर कामू के नाटक -‘ द जस्ट एसासिंस ‘ का हिंदी रूपांतरण है,इसका निर्देशन राहुल सिंह ने किया।

नाटक में भारतीय रूपांतरित कहानी का समयकाल 1920-30 रखा गया था। आज़ादी को आतुर एक क्रांतिकारी  दल गवर्नर की बम से हत्या करने की योजना को अंजाम देने को हैं। इस योजना के बनने से लेकर क्रियानवयन तक के दौरान एक सवाल वैचारिक बम बन इस दल के सदस्यों के बीच फूट पड़ता है कि आख़िर कौन सी हत्या जायज़ है । सवाल कि शैतान को ख़त्म करने की कोशिश में कहीं ख़ुद ही ने तो इंसानियत का दामन नहीं छोड़ दिया । इंसानी मूल्य इंकलाब में कहीं पीछे तो नहीं छूट गए । इंकलाब के नाम पर मरने और मारने को उतारू दल का हर सदस्य असल में ख़ुद पहले ही मर चुका है और जो नहीं मरा,उसी के हाथ औरों को मारने से पहले काँप जाया करते हैं लेकिन सवाल तब भी छोड़ा गया कि ये हत्यारे जायज़ हैं या नहीं ? एक सुखद इत्तेफा़क़ इस नाटक के साथ हुआ। 15 वर्ष पहले 2003 में , जब ये नाटक शहर में खेला गया था तो शहर के प्रसिद्ध अभिनेता दिनेश नायर ने इसमें ‘विमी’ का किरदार निभाया था और इस शुक्रवार  उनकी ही बेटी अधीशा नायर ने नाटक में ‘देविका’ के पात्र निभाकर अपने अभिनय-जीवन की शुरूआत की है।  नाटक में अश्विन मिश्रा को छोड़कर  बाकी़ सभी अभिनेताओं के लिए मंच पर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने का पहला बड़ा मौका था और सभी ने कमाल कर दिखाया। ( इनपुट : शिवकांत वर्मा ) #त्रिकर्षी # विभा स्मृति नाट्य समारोह #नाटक # भोपा

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