कला अध्ययन और संवाद की प्रयोगशाला बना ‘जलम 25’

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प्रकाश साहू , इंदौर स्टूडियो। जलम 2025 का दूसरा दिन अध्ययन, संवाद और कला-अभ्यास की एक जीवंत प्रयोगशाला बनकर उभरा। कलाकार, विद्यार्थी और विचारक यहाँ साझा सांस्कृतिक दृष्टि के साथ संवाद करते नज़र आये। इस तरह यह महोत्सव सिर्फ शानदार प्रस्तुतियों का नहीं-संवाद का मंच भी बना। पढ़िये यह रिपोर्ट और देखिये दूसरे दिन के कार्यक्रमों की ख़ास तस्वीरें। नाट्य लेखन और रंग संरचना: जलम के दूसरे दिन की शुरुआत प्रसिद्ध लेखक, नाटककार और शिक्षाविद अशुतोष पोतदार की मास्टर क्लास से हुई। इसमें नाटक लेखन, चरित्र-निर्माण और आधुनिक रंगभाषा की अवधारणाओं पर गहन चर्चा हुई। इसके बाद हुए संवाद सत्र में उन्होंने युवा रंगकर्मी अविजीत सोलंकी के साथ नाट्य प्रक्रिया और रंग-संरचना पर विचार साझा किए। दृश्य भाषा और सौंदर्यबोध:Art as a Creative Expression of Visual Language” सत्र में शांति निकेतन से आए प्रख्यात कलाकार एवं अकादमिक कुमार जासकिया ने ध्वनि सिद्धांत, भारतीय सौंदर्यबोध की संरचनात्मक विशेषताओं और कला इतिहास के संदर्भ में दृश्य भाषा पर गहन दृष्टि प्रस्तुत की। उनके संवादात्मक व्याख्यान ने विद्यार्थियों को समकालीन कला की चुनौतियों और संभावनाओं से परिचित कराया।वरिष्ठ चित्रकार का कलात्मक सफ़र: ओपन एयर स्टेज पर आयोजित “Journey of an Artist” सत्र में दिल्ली के वरिष्ठ चित्रकार सिद्धार्थ ओ ने अपने रचनात्मक सफ़र, भारतीय समकालीन चित्रकला के विकास और कलाकार की वैचारिकी पर सारगर्भित विचार साझा किए। इस सत्र का संचालन यश भोपते ने किया।भारतीय सौंदर्यशास्त्र की प्रासंगिकता: “Relevance of Indian Aesthetics in Art Academics” सत्र में अमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गीतिका कौर खेर ने भारतीय सौंदर्यशास्त्र की दार्शनिक पृष्ठभूमि, कला-शिक्षा में उसकी उपयोगिता और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उसकी प्रासंगिकता पर प्रभावपूर्ण व्याख्यान दिया। इस सत्र का संचालन कुमार जासकिया ने किया।संध्या का आकर्षण और सम्मान समारोह: संध्याकालीन कार्यक्रम में चित्रकार स्काई की लाइव पेंटिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद सम्मान समारोह में जबलपुर की युवा कलाकार अश्विनी सरोज को श्री हरी भटनागर यंग आर्ट स्टूडेंट अवॉर्ड और मुंबई के रंगकर्मी सौरभ नैयर को श्री गजनीश वैद्य स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र जामदार, विशिष्ट अतिथि मेजर जनरल निश्‍चय राउत (सेवानिवृत्त) और राजीव गुप्ता (महासचिव, केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद) उपस्थित रहे। मंच पर वरिष्ठ कलाकार सिद्धार्थ ओ के साथ इत्यादि आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक विनय अम्बर, सचिव डॉ. सुप्रिया अम्बर और अध्यक्ष डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। सम्मान समारोह का संचालन शैली दीवान ने किया।नाटक ‘नाम में का रखो है’: शाम 7:30 बजे मुंबई की जुबली थिएटर फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘नाम में का रखो है’ का मंचन हुआ। व्यंग्यात्मक कथा के माध्यम से समाज, सत्य और प्रेम से जुड़े गहरे प्रश्नों को प्रभावशाली रंगभाषा में प्रस्तुत किया गया। नाटक के बाद सभी कलाकारों का परिचय कराया गया। आगे पढ़िये – विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि के साथ नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल का समापन – https://indorestudio.com/nalanda-literature-festival-2025-grand-conclusion/

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