प्रकाश साहू, इंदौर स्टूडियो। जबलपुर आर्ट, लिटरेचर एवं म्यूजिक फेस्टिवल (जलम) के तीसरे दिन कला, प्रकृति और विचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह लाइव पेटिंग से शुरूआत हुई। दिन में विवेचना के स्व. अरुण पांडेय पर केंद्रित विनय अम्बर की पुस्तक का विमोचन और रंग संवाद हुआ। शाम को सम्मान के साथ ही बहुप्रशंसित नाटक – ‘स्वांग: जस की तस’ का मंचन हुआ। आपको बता दें जलम 2025 का यह दसवीं सृजनात्मक यात्रा का उत्सव है।
लाइव पेंटिंग सत्र से शुरूआत: दिन की शुरुआत भेड़ाघाट में आयोजित लाइव पेंटिंग सत्र से हुई। संगमरमर की चट्टानों और मां नर्मदा की अविरल धारा के बीच देशभर से आए 100 से अधिक कलाकारों ने सामूहिक चित्रांकन किया।
कैनवास पर घाट, जलप्रपात और प्रकृति: कलाकारों ने धुंआधार जलप्रपात, घाटों और आसपास के प्राकृतिक परिवेश को अपनी-अपनी शैली और दृष्टि के साथ कैनवास पर उतारा। इस दौरान नौका विहार और अन्य गतिविधियों ने प्रतिभागियों को जबलपुर की सांस्कृतिक–प्राकृतिक विरासत का गहन अनुभव कराया। 
विधायक नीरज सिंह ठाकुर भी पहुँचे: लाइव पेटिंग के कार्यक्रम मेंबरगी क्षेत्र के विधायक नीरज सिंह ठाकुर भी पहुँचे। उन्होंने भेड़ाघाट में मौजूद जलम के कलाकारों के काम को देखा, अपनी प्रशंसा ज़ाहिर की। इस दौरान जलम के प्रमुख विनय अम्बर ने उनसे चर्चा करते हुए सम्बंधित जानकारियां दी।
स्व.अरुण पांडेय पर विनय अम्बर की पुस्तक: दोपहर में तरंग परिसर में पुस्तक विमोचन और समकालीन रंगमंच पर केंद्रित संवाद हुआ। वरिष्ठ रंगकर्मी अरुण पाण्डेय के जीवन और रंगकर्म पर आधारित पुस्तक “अरुण : रंग संदर्भ” (संपादक: विनय अम्बर) का विमोचन किया गया। इसके बाद महान नाटककार हबीब तनवीर पर केंद्रित पुस्तक “रंग लोक का महानायक: एक सदी का पुनः पाठ” (संपादक: विनय उपाध्याय, संतोष चौबे) का विमोचन हुआ।
पुस्तक के विमोचन के बाद रंगमंच संवाद: इस सत्र में वक्ताओं में राजेंद्र पाठक (समागम रंगमंडल), विनय उपाध्याय (निदेशक, टैगोर विजुअल आर्ट्स एंड कल्चर सेंटर, भोपाल), पत्रकार एवं समीक्षक रविंद्र त्रिपाठी (दिल्ली), रेडियो निर्देशक राजीव कुमार शुक्ल (जबलपुर), लेखक–प्राध्यापक अशुतोष पोतदार (फ्लेम यूनिवर्सिटी, पुणे) और विनय अम्बर (संस्थापक, इत्यादि आर्ट फाउंडेशन) शामिल रहे। संवाद में भारतीय रंगमंच की वैचारिक परंपरा, सिद्धांत–अभ्यास, नाट्य प्रशिक्षण, प्रयोगधर्मिता और सामाजिक हस्तक्षेप पर गंभीर चर्चा हुई।
कविता पाठ और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन: दोपहर बाद आयोजित कविता पाठ सत्र में दिल्ली के कवि राजेंद्र शर्मा ने मूर्तिकार हिम्मत शाह पर आधारित कविताओं का पाठ किया। उनकी कविताओं ने हिम्मत शाह की कला और स्मृति को शब्दों में जीवंत किया। इसके बाद हिम्मत शाह पर बनी डॉक्यूमेंट्री “Hammer on the Square” का प्रदर्शन हुआ। पुणे के फिल्मकार रवि शेखर द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म ने दर्शकों को हिम्मत शाह के सार्वजनिक कला हस्तक्षेपों, रचनात्मक दृष्टि और वैचारिक संघर्षों से परिचित कराया।
जलम के मंच पर कलाकारों का सम्मान: संध्याकालीन सत्र में राष्ट्रीय कला शिविर में भाग लेने वाले 14 कलाकारों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि सुनील तिवारी (प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) रहे। विशिष्ट अतिथियों में दिव्या अवस्थी (एडिशनल कलेक्टर), ऋषि सिरोठिया (पुलिस उपमहानिरीक्षक), राजीव गुप्ता (महासचिव, केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद) और डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव (अध्यक्ष, इत्यादि आर्ट फाउंडेशन) शामिल रहे। मंच संचालन शैली दीवान और आशुतोष मिश्रा ने किया।
नाटक “स्वांग जस के तस” का मंचन: रात्रि 7:30 बजे रंगभरण थिएटर ग्रुप ने नाटक स्वांग: जस का तस का मंचन किया। लोक रंगभाषा और सामाजिक व्यंग्य के माध्यम से समकालीन समाज के प्रश्नों को उजागर करने वाले इस नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्यां में दर्शक पहुंचे। यह एक बहूप्रशंसित नाटक है, नाटक की दिलचस्प कथा, निर्देशन, संगीत और अभिनय इसे एक बेहतरीन प्रदर्शन बनाते हैं। आप नाटक के दिल्ली में हुए मंचन की शकील अख़्तर द्वारा लिखित समीक्षा इसे क्लिक कर पढ़ें – स्वांग समीक्षा: ठाकुर ने सुनाई काले कव्वे की स्टोरी
जबलपुर का सांस्कृतिक उत्कर्ष: जलम 2025 का तीसरा दिन यह स्पष्ट करता है कि यह महोत्सव केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि कला, विचार और संवेदना का निरंतर प्रवाह है। भेड़ाघाट की चट्टानों से लेकर रंगमंचीय विमर्श और नाटक मंचन तक फैला यह दिन जबलपुर को राष्ट्रीय स्तर पर कला और विचार के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने में सफल रहा।
‘जलम उत्सव’ का आज समापन दिवस: चौथे और अंतिम दिन जलम 2025 का समापन कविता, सिनेमा, संवाद और संगीत की विविध प्रस्तुतियों के साथ होगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि, लेखक, फिल्मकार और कलाकार रचनात्मक अभिव्यक्ति के अलग–अलग रूपों के माध्यम से सहभागिता करेंगे। आगे पढ़िये – विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि के साथ NLF 25 का समापन https://indorestudio.com/nalanda-literature-festival-2025-grand-conclusion/











