Wednesday, May 13, 2026
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जंगली जानवरों से ज़्यादा ख़तरनाक है सामाजिक ज़हर- उदय प्रकाश

नीरज कुंदेर, इंदौर स्टूडियो। ‘जंगली जानवरों से ज़्यादा ख़तरनाक सामाजिक ज़हर है। इस बात को हमें समझना और सीखना होगा’। यह बात ख्यात साहित्यकार उदय प्रकाश ने कही। वे सीधी में नाटक ‘तिरिछ’ के मंचन के बाद दर्शकों को सम्बोधित कर रहे थे। आपको बता दें, यह एकल नाटक उनकी लिखी कहानी पर ही आधारित है। शिव नारायण कुंदेर निर्देशित इस नाटक में मनोज कुमार यादव बेहद प्रभावशाली अभिनय करते हैं। नाटक में संगीत नीरज कुम्भारे और प्रकाश संचालन प्रजीत साकेत ने किया। प्रस्तुति संयोजन रोशनी प्रसाद मिश्र और प्रबंधन रजनीश जायसवाल की रही।1980 में लिखी थी कहानी: उदय प्रकाश ने कहा – ‘यह कहानी मैंने 1980 में लिखी थी। यह कहानी तब तो प्रासंगिक थी ही मगर आज इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ती जा रही है। इसका संदेश यही है कि ‘तिरिछ’ के ज़हर से कोई नहीं मरता बल्कि सामाजिक ज़हर से इंसान मरता है। उन्होंने कहा, मेरी इस कहानी को बहुत से कलाकारों ने रंगमंच पर प्रस्तुत किया है। परंतु आज की यह प्रस्तुति उन सबमें बेहतर रही है। इंद्रवती नाट्य समिति की प्रशंसा: उदय जी ने कहा, ‘मैं सीधी रंगमंच के कई आयोजनों में शामिल हो चुका हूं। मुझे खुशी है कि इन्द्रवती नाट्य समिति रंगमंच की दुनिया में आज एक स्थापित नाम है। कार्यक्रम में उदय प्रकाश सिंह, पद्मश्री जोधइया बाई,कुमकुम सिंह और संतोष द्विवेदी को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राम सिंह मरावी लोक गायक,सूर्य प्रकाश सिंह, मानिंद शेर अली खान मौजूद थे। हमारे समय के हस्ताक्षर उदय प्रकाश: उदय प्रकाश देश के एक चर्चित कवि, कथाकार, पत्रकार और फिल्मकार हैं। आपकी कुछ कृतियों के अंग्रेज़ी, जर्मन, जापानी एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद भी उपलब्ध हैं। लगभग समस्त भारतीय भाषाओं में रचनाएं अनुदित हुई हैं। इनकी कई कहानियों के नाट्यरूपंतर और सफल मंचन हुए हैं। ‘उपरांत’ और ‘मोहन दास’ के नाम से इनकी कहानियों पर फीचर फिल्में भी बन चुकी हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। उदय प्रकाश कई टी.वी.धारावाहिकों के निर्देशक-पटकथाकार भी रहे हैं। सुप्रसिद्ध राजस्थानी कथाकार विजयदान देथा  की कहानियों पर बहु चर्चित लघु फिल्में प्रसार भारती के लिए निर्देशित-निर्मित की हैं। भारतीय कृषि के इतिहास पर धारावाहिक ‘कृषि-कथा’ का निर्देशन भी कर चुके हैं। आगे पढ़िये –
https://indorestudio.com/bharat-mandapam-me-anoothi-kala-pradarshani-aakarshan-ka-kendra/

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