इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम। दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर (संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार) द्वारा 18 जून की सुबह 11 बजे से स्व.सुनील मिश्र लिखित नाटक ‘झांसी की रानी’ का ऑनलाइन मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन आनंद मिश्रा ने किया है। इसे सघन सोसाइटी फॉर कल्चरल एवं वेलफेयर, भोपाल के कलकारों ने प्रस्तुत किया। नाटक का प्रदर्शन, प्रसारण यू ट्यूब के साथ फेसबुक और ट्विटर पर साझा किया गया।
नाटक 1857 के योद्धाओं की कहानी पर आधारित है। इसमें झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे, नाना साहब पेशवा, राव साहाब जैसे पात्र है। उनकी वीरता के प्रसंग हैं। नाटक के माध्यम से दिखाया गया है कि किस प्रकार हमारे पूर्वजों ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया । झांसी की रानी ने तात्या टोपे, राव साहब के साथ मिलकर युद्ध कला का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके पति की मृत्यु के उपरांत अंग्रेज उनके दत्तक पुत्र को पुत्र स्वीकार न करने की नीति को लागू कर झांसी को हडपना चाहते हैं। इस हड़प नीति के माध्यम से देश के कई राजाओं के राज्यों का ईस्ट इंडिया कम्पनी में विलय कर लिया गया था।
झांसी की रानी ने इसका विरोध किया और अंतिम समय तक युद्ध भूमि में अंग्रेजों के खिलाफ डट कर सामना किया। उनके सहयोगी रहे तात्या टोपे को अंग्रेजों ने धोखे से पकड़ा और उन्हें फांसी दे दी गई। नाटक का निर्देशन, कलाकारो का अभिनय,संगीत,मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था सराहनीय रही।

