Wednesday, April 15, 2026
Homeकला खबरेंजस्ट-ए-स्केप्स: चंडीगढ़ में शंकर एस. की नायाब फोटो कला प्रदर्शनी

जस्ट-ए-स्केप्स: चंडीगढ़ में शंकर एस. की नायाब फोटो कला प्रदर्शनी

सुभाष अरोड़ा, इंदौर स्टूडियो। चंडीगढ़ के सेक्टर 36 ए में मौजूद अलियांस फ्रांसिस की कला दीर्घा में इन दिनों ‘जस्ट-ए-स्केप्स’ नाम से चित्र कला प्रदर्शनी जारी है। यह प्रदर्शनी छायाकार शंकर एस. की फोटो मोंटाज़ प्रदर्शनी है जो उनकी रचनाधर्मिता का नायाब उदाहरण पेश कर रही है। यह अनूठी कला प्रदर्शनी 10 मार्च तक देखी जा सकती है। न्यू मीडिया के नये कलात्मक प्रयोग: कोलकाता के शंकर एस. प्रशिक्षित परंपरागत पेंटर होने के साथ ही दक्ष छायाकार भी हैं। उन्होंने इसमें एनिमेशन के साथ भी अपना काम किया है जो उन्हें न्यू मीडिया के नये कलात्मक प्रयोगों की राह तक ले आया। इसके लिये उन्होंने टीवी की ‘पिक्चर इन पिक्चर’ चित्रण पद्धति को अंगीकार किया है। उन्होंने डिजिटल कंपोज्ड फोटोग्राफिक इमेजिंग से अपने सरोकारों को, विविध चित्रों के माध्यम से सौंदर्य पूर्ण अभिव्यक्ति देकर एक नया आयाम दिया है। इस तरह से शंकर अपने विशिष्ट सौंदर्य बोध से विषय वस्तु को बखूबी कंपोज करने में कामयाब हुए हैं। टुकड़ा-टुकड़ा दृश्य समग्रता: उनकी रचना धर्मिता में टुकड़ा-टुकड़ा दृश्य समग्रता है। सड़क निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण, खजूर से गुड़ निर्माण के दृश्य या फिर ऑपरेशन सनशाइन, अतिक्रमण हटाना और पुनः उसी स्थान पर छोटी-छोटी दुकानों का उभरना, कोलकाता में धीरे-धीरे विलोपित हो रही ट्राम सेवा के चलन से बाहर हुई ट्रामों का अचल रेस्टोरेंट अथवा विश्राम स्थल में बदलाव, राजबाड़ी का  डहर या औरंगाबाद का बीवी का मकबरा, पाम वृक्ष, साधारण बाथरूम, नष्ट प्रायः प्लाईवुड अर्थात् परिवर्तन और प्रकाश की जुगलबंदी से उत्पन्न सौंदर्य पूर्ण ‘विवर्त’ (रज्जू में सर्प की भ्रांति) कलाकार की संवेदना को उद्वेलित करने वाला दृश्यमान अतुल्य संयोजन दर्शक के मन को छू जाता है। मसलन घुमावदार सीढ़ियों की भूल-भुलैया से जूझता कलाकार दर्शक को भी उसमें उलझा देता है। अपनी इस कृति को रचनाकार ने ‘Ascend or Descend ?’ टाइटल दिया है जो सर्वथा माकूल है। एक्सप्लोसिव रिलीज की सार्थक संज्ञा: विद्वान समालोचक और संपादक सामिक बंदोपाध्याय ने शंकर की इस चित्र श्रृंखला को आनंदित करने वाले एक्सप्लोसिव रिलीज की सार्थक संज्ञा दी है। कला प्रेमियों से आग्रह है कि समय निकालकर प्रदर्शनी का अवलोकन करने का कष्ट करें। (इस रिपोर्ट के लेखक श्री सुभाष अरोड़ा ग्वालियर के ख्याति प्राप्त मूर्तिकार और कला समीक्षक हैं।) आगे पढ़िये – चाँदनी रातें: क्लासिक कृति पर कमाल का म्यूज़िकल ड्रामा शो – https://indorestudio.com/chandni-raten-drama-show/

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

जावेद अहमद शाह ख़ान "अल-हिंदी" on रंगमंच की नई उड़ान…सौम्या व्यास