डॉ.अर्पण जैन अविचल, स्टुडियो डॉट कॉम। ख्यात कहानीकार, पत्रकार और चित्रकार प्रभु जोशी जी का 4 मई को निधन हो गया। वे कोरोना से संक्रमित थे। उनके निधन से साहित्य और कला जगत में शोक की लहर छा गई है। इंदौर अपने इस होनहार के अकस्मात निधन पर स्तब्ध है। डॉ.राहत इंदौरी के निधन के बाद इंदौर के कला और साहित्य जगत की यह दूसरी बहुत बड़ी क्षति है। प्रभु जोशी नईदुनिया के संपादकीय तथा फीचर पृष्ठों का वर्षो तक संपादन पत्र-पत्रिकाओं में हिंदी तथा अंग्रेजी में कहानियों, लेखों का प्रकाशन करते रहें। आपके लिंसिस्टोन तथा हरबर्ट में ऑस्ट्रेलिया के त्रिनाले में चित्र प्रदर्शित हुए। गैलरी फॉर केलिफोर्निया (यूएसए) का जलरंग हेतु थॉमस मोरान अवार्ड प्राप्त हुआ। ट्वेंटी फर्स्ट सेन्चरी गैलरी, न्यूयार्क के टॉप सेवैंटी में शामिल। भारत भवन का चित्रकला तथा मप्र साहित्य परिषद का कथा-कहानी के लिए अखिल भारतीय सम्मान आपको मिला।दूरदर्शन इंदौर में प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव पद से रिटायर्ड। इससे पूर्व इंदौर आकाशवाणी में प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव पद पर कार्यरत। कई रेडियो प्रोग्रामों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड। वर्तमान में लेखन और चित्रकारी में सक्रिय रहे प्रभु दा का अलविदा कह देना बड़ा नुकसान हैं।