डॉ. जफर महमूद, इंदौर स्टूडियो। साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जयिनी में गैर-सरकारी सांस्कृतिक आयोजनों ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी कड़ी में सक्रिय नाट्य संस्था ‘कला चौपाल’ द्वारा कालिदास अकादमी के अभिरंग नाट्य गृह में आयोजित तीन दिवसीय हास्य नाट्य समारोह कलात्मक नवाचारों और श्रेष्ठ अभिनय के साथ संपन्न हुआ। विशाल सिंह कुशवाह और उनकी टीम द्वारा आयोजित इस समारोह ने दर्शकों को ठहाकों के बीच सोचने पर विवश किया।
प्रथम संध्या: रिश्तों में झूठ का ताना-बाना ‘ताक धीना धिन’: समारोह का आगाज़ सतीश दवे रचित नाटक ‘ताक धीना धिन’ से हुआ। विशाल सिंह कुशवाह के निर्देशन में कलाकारों ने रिश्तों में बुने गए झूठ और परिस्थितियों की विवशता को बेहद मजाहिया अंदाज़ में पेश किया। अनंत वर्मा (सुखू) और वरिष्ठ कलाकार वीरेंद्र नथानियल (चाचा) के अभिनय ने मंच पर जान फूँक दी। वहीं देवेंद्र दुबे, कुशाग्र सिंह, अक्षिता राठौर, रेवा पंडित, आर्यन परमार और वैष्णवी सोलंकी ने अपने पात्रों के साथ न्याय करते हुए प्रस्तुति को प्रभावी बनाया।
दूसरी संध्या: महानगरों के अकेलेपन की दास्ताँ ‘बत्तीस छत्तीस की मोहब्बत’: दूसरी शाम ‘रंगदूत नाट्य समिति सीधी’ के बैनर तले प्रसन्न सोनी द्वारा निर्देशित नाटक ‘बत्तीस छत्तीस की मोहब्बत’ का मंचन हुआ। एनएसडी स्नातक भारती शर्मा और प्रसन्न सोनी के सधे हुए अभिनय ने बड़े शहरों में मनुष्य के खालीपन और एक सिंगल मदर की भावनात्मक ज़रूरतों को बड़े सलीके से उकेरा। हास्य के पुट के साथ इस गंभीर विषय ने दर्शकों को पूरे समय बाँधे रखा। कुलदीप सोनी के संगीत ने कहानी के परिवेश को और गहरा किया।
समापन संध्या: ‘परसाई उवाच’ में समाज को आईना दिखाते तीखे व्यंग्य: समारोह का समापन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से ‘परसाई उवाच’ की प्रस्तुति के साथ हुआ। भोपाल की ‘नव नृत्य नाट्य संस्था’ के कलाकारों ने तरुण दत्त पाण्डेय के निर्देशन में हरिशंकर परसाई के कालजयी व्यंग्यों—’शव यात्रा का तौलिया’, ‘मध्यम वर्गीय कुत्ता’, ‘वह क्या था’ और ‘बातूनी’ का मंचन किया। योगेश कुमार उमाठे और संतोष सुमन के सशक्त एकल अभिनय ने गांधीजी के तीन बंदरों के प्रतीकों के माध्यम से समाज की विद्रूपताओं पर करारा प्रहार किया। उज्जैन में इस नाटक का यह 10वाँ सफल मंचन था। आगे पढ़िये – कला सेतु: मध्यप्रदेश और तेलंगाना की संस्कृति का अनूठा संगम – https://indorestudio.com/kala-setu-art-exhibition-madhya-pradesh-telangana/

