Wednesday, April 15, 2026
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कला सेतु: मध्य प्रदेश और तेलंगाना की कला संस्कृति का अनूठा संगम

डॉ.ज़फर मेहमदू, इंदौर स्टूडियो। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि वह सेतु है जो भौगोलिक सीमाओं को लांघकर दिलों को जोड़ती है। इसी विचार को साकार करते हुए विगत दिनों मध्य प्रदेश और तेलंगाना के 25 वरिष्ठ चित्रकारों की साझा कला प्रदर्शनी ‘कला सेतु’ का आयोजन किया गया। उज्जैन और इंदौर से शुरू होकर हैदराबाद तक पहुँची यह प्रदर्शनी दो राज्यों की समृद्ध कला परंपराओं के मिलन का साक्षी बनी।A photograph from 'Kala Setu'—an art exhibition featuring 25 senior painters from Madhya Pradesh and Telangana. A report by Indore Studio.A photograph from 'Kala Setu'—an art exhibition featuring 25 senior painters from Madhya Pradesh and Telangana. A report by Indore Studio.सांस्कृतिक समरसता का कैनवास: उज्जैन की ‘कला फनकार आर्ट गैलरी’ और ‘हैदराबाद आर्ट सोसायटी’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा प्रदर्शनी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश की गहरी लोक परंपराओं और तेलंगाना की आधुनिक दृश्य कथाओं का अद्भुत तालमेल देखने को मिला। 25 वरिष्ठ कलाकारों की कृतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि कला एक ऐसी वैश्विक भाषा है, जिसे किसी अनुवाद की आवश्यकता नहीं होती।A photograph from 'Kala Setu'—an art exhibition featuring 25 senior painters from Madhya Pradesh and Telangana. A report by Indore Studio. हैदराबाद में भव्य समापन: इस कला यात्रा का समापन 18 से 22 मार्च तक हैदराबाद की ‘स्टेट आर्ट गैलरी’ में आयोजित भव्य प्रदर्शनी के साथ हुआ। समारोह का उद्घाटन सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. बी. जनार्दन रेड्डी, सुप्रसिद्ध कला पारखी सुश्री अंजू पोद्दार और ‘रियल्टी एंड डिज़ाइन हाउस’ की पीआर श्रीमती पार्वती रेड्डी के आतिथ्य में संपन्न हुआ।A photograph from 'Kala Setu'—an art exhibition featuring 25 senior painters from Madhya Pradesh and Telangana. A report by Indore Studio.A photograph from 'Kala Setu'—an art exhibition featuring 25 senior painters from Madhya Pradesh and Telangana. A report by Indore Studio.कला संवाद और व्याख्यान: इस अवसर पर दिल्ली के प्रख्यात कलाकार श्री अशोक भौमिक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र के पश्चात श्री भौमिक ने ‘भारतीय कला परिदृश्य’ पर एक सारगर्भित व्याख्यान दिया, जिसने उपस्थित कला प्रेमियों और युवा कलाकारों को भारतीय कला की बारीकियों और उसकी विकास यात्रा से अवगत कराया। यह प्रदर्शनी न केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन थी, बल्कि क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर कलाकारों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करने का एक सफल प्रयास भी रही। आगे पढ़िये – मेटा 2026 में कौन सा नाटक सर्वश्रेष्ठ, किसे सबसे ज़्यादा पुरस्कार https://indorestudio.com/meta-awards-2026-winners-mithyasur-best-play-full-list/

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