Wednesday, May 13, 2026
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कौन संभालेगा 52वें फिल्म फेस्टिवल की कमान?

(शकील अख़्तर,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम)। पणजी,गोवा में एशिया के पहले हायब्रिड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल #iffi51 का सफलतापूर्वक समापन हो गया। कोरोना की वजह से इस बार यह अपनी तय तारीखों 20 से 28 नवंबर तक नहीं हो सका था। परंतु सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और गोवा के मुख्य मंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साझा संकल्प और प्रयासों ने इस समारोह पर ब्रेक नहीं लगने दिया। बड़ी बात यह है कि अगले साल नवंबर के महीने में ही 52 वें फिल्म फेस्टिवल की घोषणा कर दी गई है।
इफ़्फ़ी के शुभारंभ समारोह में प्रकाश जावड़ेकर,डॉ.प्रमोद सांवत और कन्नड़ एक्टर,डायरेक्टर सुदीप के साथ अन्य अतिथि
देखना ये होगा कि अगली बार आयोजन के प्रबंधन में मुख्य भूमिका निभाने वाले फिल्म निदेशालय,दिल्ली की जगह एनएफडीसी की सहभागिता किस तरह की होगी ? आपको बता दें कि फिल्म क्षेत्र को मज़बूती देने के लिये पिछले दिनों 4 फिल्म मीडिया इकाइयों को एक बना दिया गया है। इनमें फिल्म डिवीज़न ऑफ इंडिया,डायरेक्टरेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल,नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया और चिल्ड्रन फिल्म सोसाइटी शामिल हैं। सभी का विलय नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) में कर दिया गया है।
*फेस्टिवल से जुड़े रहेंगे सिने प्रेमी* ऐसा लगता है कि फेस्टिवल का रियल (फिज़िकल) और वर्चुअल स्वरूप अब आगे भी जारी रहेगा। ताकि दुनिया भर के सिने प्रेमी दर्शक फेस्टिवल की ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े रहें। वे सिनेमा प्रेमी जो किन्हीं कारणों से गोवा नहीं आ सकते उनके लिये इसका नया स्वरूप नई सौगात बनकर आया है। इस बार विशेष फिल्मों के प्रदर्शन,फिल्म बाज़ार,इन कन्वरसेशन और मास्टर क्लासेस के लिये बकायदा ओटीटी प्लेटफार्म बनाया गया था। दूरदर्शन के प्रोग्राम भी इससे जोड़े गये थे। आम दर्शकों के साथ मीडिया और स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन के ज़रिये इस आयोजन का हिस्सा बने थे।
*‘इन दि डार्कनेस’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म*इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के 51वें संस्करण में इस बार एक भारतीय फिल्म को छोड़कर सभी विदेशी फिल्मों ने बाज़ी मारी है। ‘इन दि डार्कनेस’ को बेस्ट फिल्म, ‘दि साइलेंट फॉरेस्ट’ के निर्देशक चेन नियेन को बेस्ट डायरेक्टर,इसी फ़िल्म के 17 साल के त्ज़ु-चुआन लियू को बेस्ट मेल एक्टर, फिल्म ’आई नेवर क्राय’ में अभिनय के लिये जोफ़िया स्टफीज़ को बेस्ट फीमेल एक्टर, फिल्म ‘फरवरी’ के लिए बुलगारिया के निर्देशक कामिन कालेव को स्पेशल जूरी अवार्ड , फ़िल्म ‘वेलेंटीना’ के डायरेक्टर कैसियो पेरेरा डॉस सैंटोस को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर और भारतीय निर्देशक असमिया फिल्म ‘ब्रिज’के लिये कृपाल कलिता को स्पेशल मेंशन अवार्ड प्रदान किया गया है।
*अरबी फ़िल्म ‘200 मीटर’ को गांधी मेडल* प्रतिष्ठित आईसीएफटी यूनेस्को गांधी मेडल, अमीन नायफ की अरबी फिल्म ‘200 मीटर’ को मिला है। पुरस्कार में एक प्रमाण पत्र और एक पदक शामिल है। इसे IFFI और इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्म, टेलीविज़न और ऑडियोविजुअल कम्युनिकेशन (ICFT) पेरिस के सहयोग से दिया जाता है। ख़ासकर उस फ़िल्म को जो महात्मा गांधी के शांति, सहिष्णुता और अहिंसा के आदर्शों को सबसे अच्छी तरह से प्रदर्शित करती है।
फिल्म – ‘200 मीटर’ का एक दृश्य
गोल्डन पिकॉक पाने वाली फ़िल्म‘इन दि डार्कनेस’ के निर्देशक एंडर्स रेस और प्रोड्यूसर लेने बोरोग्लम साझा रूप से 40 लाख रूपये कैश और प्रशस्ति के हक़दार बने हैं। इसी तरह बेस्ट डायरेक्टर ताइवान के चेन नियेन को सिल्वर पिकॉक के साथ ही 15 लाख और स्पेशल जूरी अवार्ड पाने वाले कलेव को भी सिल्वर पिकॉक के साथ 15 लाख और प्रशस्ति पत्र का पुरस्कार मिला है।
बिस्बजीत चटर्जी को मिला पर्सनैलिटी ऑफ दि ईयर का सम्मान । उन्होंने फोकस कंट्री को लेकर कहा, हमसे अलग नहीं बांग्लादेश।

*बिस्वजीत इंडियन पर्सनैलिटी ऑफ दि ईयर* पुरस्कारों की घोषणाएं इफ़्फ़ी के समापन समारोह में हुईं। इस अवसर पर बुज़ुर्ग अभिनेता, निर्देशक और निर्माता बिस्वजीत चटर्जी को इंडियन पर्सनैलिटी ऑफ दि ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता ज़ीनत अमान, सांसद और अभिनेता रवि किशन गेस्ट ऑफ़ ऑनर थे। समारोह को गोवा के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने संबोधित किया। समारोह में इंटरनेशनल जूरी के सदस्य,जिनमें निर्देशक प्रियदर्शन नायर, IFFI संचालन समिति के सदस्य शाजी एन करुण, राहुल रवैल, मंजू बोरा और रवि कोट्टारकारा ने भी शिरकत की।  देश-विदेश की हस्तियों ने रेड कार्पेट पर चलकर समारोह में भाग लिया।

महोत्सव के निदेशक चैतन्य प्रसाद ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा दिए गए समर्थन और त्योहार को हाइब्रिड मोड में आयोजित करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया, कोरोना की वजह से इस साल जब 20 से 28 नवंबर के बीच फिल्म समारोह जब टल गया, तब गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने ही हाइब्रिड उत्सव के लिये पूरे संकल्प से प्रेरित और प्रोत्साहित किया। 

*पाब्लो सीज़र इंटरनेशनल जूरी के प्रमुख* पुरस्कारों का निर्णय #IFFI51 की इंटरनेशनल जूरी ने किया है। इस जूरी में अर्जेंटीना के निर्देशक पाब्लो सीजर के साथ दुनिया भर के प्रतिष्ठित फिल्मकार शामिल रहे। जूरी के बाकी सदस्यों में प्रसन्ना विथानगे (श्रीलंका), अबू बक्र शॉकी (ऑस्ट्रिया), प्रियदर्शन (भारत) और रुबैयत हुसैन (बांग्लादेश) शामिल रहे। अपने वीडियो संदेश में, जूरी के अध्यक्ष पाब्लो सीजर ने इंटरनेशनल वर्ग में फिल्मों का मूल्यांकन करने के लिए जूरी को दिए गए अवसर के लिए इफ्फी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ‘हम फेस्टिवल के लिये चुनी गई फिल्मों में दिखाए गए व्यापक और विविध विषयों से बेहद ख़ुश हैं। विशेष रूप से यह फिल्में व्यक्तिगत आज़ादी, बाल अधिकारों और महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं।‘

 

 

 

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