इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद ने प्रसिद्ध कवि चन्द्रकान्त देवताले के जन्मदिन प्रसंग पर उनकी स्मृति को समर्पित नाट्य प्रदर्शन, युवा कविता पाठ और व्याख्यान का उज्जैन में आयोजन किया।
कविता कोलाज पर नाट्य प्रदर्शन : उज्जैन के कालिदास संस्कृत अकादेमी के अभिरंग नाट्य गृह में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) अशोकनगर के युवा रंगकर्मियों ने श्रीमती सीमा राजोरिया के निर्देशन में कविता कोलाज (हिन्दी कवि भगवत रावत, चन्द्रकान्त देवताले, विनय दुबे और सुदीप बैनर्जी की कविताओं पर एकाग्र) नाट्य प्रदर्शन किया। ‘साम्प्रदायिकता के विरुद्ध साहित्य, स्मृति: चन्द्रकान्त देवताले’ के तहत इस नाट्य प्रस्तुति आयोजन को दर्शकों की अच्छी दाद मिली। नाट्य प्रस्तुति में कविताओं के चयन तथा कुछ कविताओं को संगीतबद्ध करने का काम हरिओम राजोरिया ने किया था। रंग प्रस्तुति में रंगकर्मियों ने कविताओं के प्रभाव और बिम्बों को नाट्य रूप और आंगिक व्यापार के जरिए प्रत्यक्ष किया।
व्याख्यान और युवा कविता पाठ : ‘चंद्रकांत देवताले की कविताओं में युवा चेतना’ विषय पर वरिष्ठ चिंतक और कवि राजेन्द्र शर्मा ने महत्त्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने इन कविताओं में युवा चेतना और आडम्बरों, साम्प्रदायिकता और नफरत के खिलाफ़ रेखांकित करते हुए ज़मीनी सामजिक सरोकारों के साथ अपने समय का ज़रूरी हस्तक्षेप निरुपित किया। उन्होंने कहा कि वे जीवन की साधारणता के असाधारण कवि थे।
अगले सत्र में युवा पीढ़ी के कवियों में प्रदीप मिश्र, हरिओम राजौरिया, अम्बर पांडेय, नीलोत्पल, शशि भूषण, मोहन सगोरिया, अरबाज खान ने अपनी कविताओं के जरिए समकालीनता से साक्षात्कार किया। अकादेमी के निदेशक नवल शुक्ल ने आयोजन की पीठिका प्रस्तुत की। इस दौरान महत्त्वपूर्ण साहित्य मनीषी, कवि, चित्रकार, रंगकर्मी और सुधीजन उपस्थित थे।

