इंदौर स्टूडियो, विशेष प्रतिनिधि। ‘किताबें सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। अच्छी किताबों को पढ़ने से अच्छे विचारों का जन्म होता है। आचरण और व्यवहार में अंतर आता है। देश प्रेम के साथ ही सुसंस्कृत जीवन को विकसित किया जा सकता है’। यह बात डॉ. भरत शर्मा ने कही। वे इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। संस्कृति मंत्रालय से सम्बद्ध डॉ.शर्मा ने यह भी कहा कि हमारे देश में आज सर्वाधिक युवा है और देश का भविष्य भी युवाओं के हाथों में ही है। किताबें उनके लिये और भी ज़रूरी हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्यात अर्थ शास्त्री और एक्रोपोलिस संस्थान के ग्रुप निदेशक डॉ.जयंति लाल भंडारी ने की। उन्होंने कहा, ‘लिटेरेचर फेस्टिवल न केवल अच्छे और नये लेखकों को मंच प्रदान करता है, बल्कि यह साहित्य की संस्कृति को मज़बूत करता है। कार्यक्रम में ‘दि ग्रेट इंडियन टूर’ के प्रशांत गुप्ता ने कहा, ‘संस्थान का इंदौर में यह आठवां आयोजन है। तीन दिन चलने वाले इस फेस्टिवल में कहानी और काव्य लेखन के साथ ही पुस्तक संस्कृति जैसे विषयों पर संवाद के कार्यक्रम होंगे’। इस आयोजन के दौरान डॉ.पूनम सिंह लिखित पुस्तक’ वूमन इम्पॉवरमेंट’ का विमोचन भी किया गया। संचालन सुश्री तनिष्का और डिम्पल ने किया। आभार सत्येंद्र चौहान ने व्यक्त किया।

