(शकील अख़्तर,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम)। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का 51 वां संस्करण कई यादों के साथ बीत गया। बेशक इस बार कोविड 19 की वजह से दर्शकों को समारोह की हिस्सेदारी का पचास फीसदी के करीब ही मौका मिल सका। परंतु उन्होंने इस दौरान उन्होंने देश और दुनिया की नई फिल्मों के साथ स्पेशल पैकेज की क्लासिक फिल्मों का भी आनंद लिया। करीब 200 फिल्में देखीं। हालांकि इस बार सीधे तौर पर दिग्गज फिल्मकारों और कलाकारों के साथ चर्चा या संपर्क का उन्हें मौका नहीं मिल सका। आइये याद करते हैं फिल्म फेस्टिवल,गोवा से जुड़ी इस साल की कुछ और ख़ास बातें।
*इतावली सिनेमैटोग्राफर को लाइफ़टाइम एचिवमेंट अवार्ड* इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया #iffi51 में इतालवी सिनेमाटोग्राफर विटोरियो स्टोराओ को लाइफटाइम एचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया । इस मौके पर विटोरियो ने कहा,’ मुझे अपने सहयोगियों और बर्नार्डो बर्टोलुसी, फ्रांसिस कोपोला, कार्लोस ओलिवेरा और वुडी एलन जैसे महान निर्देशकों के साथ काम का गहरा अनुभव मिला। उन्होंने इफ्फी में उनके सम्मान पर आभार जताया।
*अवार्ड में 15 फिल्मों की रही दावेदारी*इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में इस साल इंटरनेशनल अवार्ड सेक्शन के लिये कुल 15 फिल्में शामिल थीं। इनमें से तीन भारतीय फिल्में क्रमश: ब्रिज (असमिया),ए मैन एंड हिस डॉग (छत्तीसगढ़ी) और थेन (तमिल) शामिल थीं। फेस्टिवल कैलीडोस्कोप सेक्शन के तहत, IFFI ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों से चुनी गई 12 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। विश्व पैनोरमा खंड में 48 फिल्में थीं, जिसमें 21 एशिया प्रीमियर, 16 इंडिया प्रीमियर, 8 वर्ल्ड प्रीमियर और 3 इंटरनेशनल प्रीमियर शामिल थे। डेब्यू फिल्म प्रतियोगिता के तहत, IFFI ने 2 भारतीय फिल्मों सहित 7 फिल्मों का प्रदर्शन किया। दो भारतीय फिल्मों सहित 10 फिल्मों ने आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल के लिए प्रतिस्पर्धा की। हायब्रिड फेस्टिवल में फिल्म बाज़ार वर्चुअल रहा जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने शुभारंभ समारोह में बटन दबाकर शुरू किया था।
*वाइफ़ ऑफ़ ए स्पाइ रही क्लोजिंग फ़िल्म*कियोशी कुरोसावा द्वारा निर्देशित जापानी फिल्म, वाइफ ऑफ ए स्पाई की स्क्रीनिंग क्लोजिंग फिल्म के रूप में हुई। फिल्म एक पति-पत्नी की कहानी बताती है, जिन्हें कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों में गार्ड द्वारा फेंक दिया जाता है। निर्देशक कुरोसावा ने अपने वीडियो संदेश में कहा: ” वाइफ ऑफ ए स्पाई को IFFI की समापन फिल्म के रूप में चुना जाना हमारे लिये सम्मान की बात है। मेरी फिल्म जापान में1940 के दौर की है और फिल्म में पति-पत्नी की जोड़ी उस दौर के हालात को बयान करती है। ” मिडफेस्ट संदीप कुमार की फिल्म ‘मेहरुनिसा’ रही। मेहरून्निसा फिल्म उद्योग के पुरूष प्रधान होने पर सवाल उठाती है।
*दादा साहेब फालके और सत्यजीत रे की फिल्में*समारोह में प्रख्यात फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की क्लासिक फिल्में दिखाई गईं। भारतीय सिनेमा के जनक की 150 वीं जयंती के अवसर पर, दादासाहेब फाल्के की चार फिल्मों की भी स्क्रीनिंग की गई। IFFI ने 18 फिल्मी हस्तियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले वर्ष निधन हो गया था। इसमें इरफान खान, ऋषि कपूर, एस पी बालासुब्रह्मण्यम, सौमित्र चटर्जी, सुशांत सिंह राजपूत और बसु चटर्जी जैसी हस्तियां शामिल थीं। शायर गीतकार राहत इंदौरी को भी याद किया गया।

