कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। लखनऊ की दो नाट्य कला हस्तियों, सर्वश्री शशांक बहुगुणा और आतमजीत सिंह को ‘मैलोरंग नेपथ्य रंग सम्मान’ से नवाज़ा गया है। बैक स्टेज पर दोनों का अपना विशिष्ट योगदान हैं। शशांक बहुगुणा ने ‘मनो-शारीरिक रंगमंच’ के लिये वर्षों से लगातार काम किया है। जबकि आतमजीत सिंह ने नौटंकी लोक नाट्य शैली में सम-सामयिक आलेखों के मंचन के माध्यम से इस रंग शैली का पुनराविष्कार किया।
मैलोरंग का यह वार्षिक सम्मान: दिल्ली की प्रमुख नाट्य संस्था ‘मैलोरंग’ द्वारा यह वार्षिक सम्मान दिया जाता है। इस सम्मान में रंगमंच के नेपथ्य रंगशीर्ष को प्रतीक चिह्न, अंगवस्त्र एवं 51000/- रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसके लिए स्थायी रूप से एक कार्य समिति का गठन किया गया है, जिसके संयोजक प्रो. देवेंद्र राज अंकुर हैं। इस वर्ष चयन समिति ने दूसरे और तीसरे ‘नेपथ्य रंग सम्मान’ की घोषणा एक साथ की थी। चूँकि इस बार दोनों लखनऊ से थे, इसलिये आयोजन दिल्ली की जगह लखनऊ में ही किया गया। आपको बता दें, शंशाक जी ख़ुद को परदे के पीछे ही रखना पसंद करते हैं, वे लंबे समय से ‘साइको फिजिकल थियेटर’ के लिये काम कर रहे हैं। इसके माध्यम से उन्होंने अपनी एक अलग रंगशैली विकसित की है। कई प्रयोग किये हैं। इसी तरह से आतम सिंह ने 50 से अधिक लोक नाटक प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने कई नाटक लिखे हैं। प्रासंगिक प्रस्तुियों से लोकप्रियता हासिल की है।
श्री बिसारिया ने दी शुभकामनाएं: समारोह में भारतीय रंगमंच के वरिष्ठ रंग निर्देशक पद्मश्री राज बिसारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने दोनों सम्मानित रंगकर्मियों को शुभकामनाएं दी। साथ ही मैलोरंग संस्था का भी आभार प्रकट किया। प्रो. दिनेश खन्ना (निदेशक, भारतेन्दु नाट्य अकादमी) आयोजन की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का प्रारंभ मैलोरंग के निदेशक डॉ. प्रकाश झा के स्वागत संभाषण से हुआ। कार्यक्रम का संचालन अमिताभ श्रीवास्तव ने किया।
प्रो.अंकुर ने दी सम्मान की जानकारी: प्रो.अंकुर ने सम्मान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सम्मान समारोह लखनऊ की सुप्रसिद्ध नाट्य मंडली ‘नीपा’ एवं भारतेन्दु नाट्य अकादमी के संयुक्त तत्त्वावधान में भारतेन्दु नाट्य अकादमी के परिसर में आयोजित किया गया। नीपा संस्था की ओर से सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ ने सभी का धन्यवाद किया। समारोह में लखनऊ शहर के प्राय: सभी जाने-माने रंगकर्मी उपस्थित हुए। अंत में बालासोर में हुई रेल हादसे में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर आयोजन को समाप्त किया गया। आगे पढ़िये –

