Wednesday, April 15, 2026
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मध्यप्रदेश की छः बोलियों के लिये साहित्यिक कृति पुरस्कार

कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टूडियो। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2022 और कैलेण्डर वर्ष 2023 के मध्यप्रदेश की छः बोलियों (मालवी, निमाड़ी, बघेली, बुंदेली, भीली और गोंडी) के साहित्यिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (इक्यावन हजार) के साथ शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति के साथ रचनाकारों को अलंकृत किया जाता है।कैलेण्डर वर्ष 2022 के लिये पुरस्कार: (1) ‘मालवी’ के लिए संत पीपा स्मृति पुरस्कार श्री रजनीश दवे-इंदौर की कृति ‘आस की ओसारी’, (2) ‘निमाड़ी’ के लिए संत सिंगा जी स्मृति पुरस्कार श्री विजय कुमार जोशी-महेश्वर की कृति ‘आस तीस का लाड़ू’, (3) ‘बघेली’ के लिए श्री विश्वनाथ सिंह जूदेव स्मृति पुरस्कार श्री सीताशरण गुप्त-मैहर की कृति ‘जगन्नाथ केर परसाद’, (4) ‘बुंदेली’ के लिए श्री छत्रसाल स्मृति पुरस्कार पं. मनीराम शर्मा-दतिया की कृति ‘हम हैं इन गाँवन के ठौर के’ को दिया गया है। (5) ‘भीली’ टंट्या भील स्मृति पुरस्कार एवं (6) ‘गोंडी’ रानी दुर्गावती स्मृति पुरस्कार हेतु कोई भी कृति प्रविष्टि के रूप में प्राप्त नहीं हुई।कैलेण्डर वर्ष 2023 के लिये पुरस्कार: (1) ‘मालवी’ के लिए संत पीपा स्मृति पुरस्कार हेतु कोई भी कृति प्रविष्टि के रूप में प्राप्त नहीं हुई, (2) ‘निमाड़ी’ के लिए संत सिंगा जी स्मृति पुरस्कार श्री राकेश गीते ‘रागी’-खरगोन की कृति ‘गुड़ की गाँगड़ी’, (3) ‘बघेली’ के लिए श्री विश्वनाथ सिंह जूदेव स्मृति पुरस्कार चन्द्रिका प्रसाद ‘चन्द्र’-रीवा की कृति ‘रिस्तन केर निबाह’, (4) ‘बुंदेली’ के लिए श्री छत्रसाल स्मृति पुरस्कार श्री मनोज कुमार तिवारी-बड़ामलहरा की कृति ‘बोल बुन्देली’ को दिया गया है। (5) ‘भीली’ टंट्या भील स्मृति पुरस्कार एवं (6) ‘गोंडी’ रानी दुर्गावती स्मृति पुरस्कार हेतु कोई भी कृति प्रविष्टि के रूप में प्राप्त नहीं हुई। आगे पढ़िये – दि प्ले ब्वॉय: एनएसडी, दिल्ली में सौ साल पुराना नाटक – https://indorestudio.com/the-play-boy-nsd/

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