Wednesday, April 15, 2026
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उज्जैन में महिलाओं की कला कृतियों का उत्सव

डॉ. जफर महमूद, इंदौर स्टूडियो। उज्जैन की गैर-सरकारी कला संस्था, क्लब फनकार आर्ट गैलरी में तीन दिवसीय महिलाओं की कला कृतियों के उत्सव का आयोजन हुआ। यह आयोजन का नवां संस्करण था। महिला कलाकारों की सृजनात्मकता, संवेदनशीलता और कलात्मक प्रतिभा इस आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनी में विविध कला रूपों के माध्यम से महिला कलाकारों ने कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति की अनूठी झलक प्रस्तुत की।A glimpse of a women's art exhibition in Ujjain. A report by Indore Studio.कार्यक्रम का उद्घाटन देवास की वरिष्ठ चित्रकार सुश्री सोनाली चौहान और क्लब फनकार की निदेशक सुश्री वसु गुप्ता ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति भी है। महिला कलाकारों की कृतियों में समाज, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत सजीव चित्रण दिखाई देता है।A glimpse of a women's art exhibition in Ujjain. A report by Indore Studio.प्रदर्शनी की विविधता: इस उत्सव में चित्रकला, हस्तशिल्प, लोककला तथा अन्य कलात्मक विधाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रत्येक कला कृति अपनी विशिष्टता और भावात्मक गहराई के साथ दर्शकों को आकर्षित कर रही थी। यह आयोजन न केवल महिलाओं की कलात्मक क्षमता को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज में सृजनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को भी प्रोत्साहित कर रहा है। प्रशिक्षण और सहभागिता: चित्रांसन आर्ट पैलेस के बैनर तले सुश्री संध्या तिवारी और चित्रांगदा गोधा ने फ्लावर बुके बनाने का प्रशिक्षण दिया। पाँच प्रकार के फूलों और तीन तरह की पत्तियों के साथ बुके बनाने की सामग्री किट भी प्रदर्शित की गई। सुश्री निहारिका पांचाल ने हैंडमेड बुकमार्क के तहत लिप्पन आर्ट, रीजन आर्ट और स्टोन आर्ट को सजाया।
A glimpse of a women's art exhibition in Ujjain. A report by Indore Studio.28 महिला कलाकारों का हुनर: प्रदर्शनी में 28 महिला चित्रकारों की कला कृतियाँ प्रदर्शित की गईं:

  • श्रीमती कमलाक्षी प्रधान – नीले रंग में पक्षी का चित्रण।
  • डॉ. वीरवाला छाजेड़ – परित्यक्ता दमयंती के रूप में स्त्री की पीड़ा।
  • सुश्री राधा व्यास – पुष्प, पराग लेती मक्खी, विरहिनी स्त्री, शेर, कुत्ता और फूलों की कशीदाकारी।
  • सुश्री सोनम मालवीय – हरी साड़ी में पूर्ण स्त्री का चित्रण।
  • श्रीमती सपना रायकवार – वाटर कलर से पुराने भवन और पहाड़ी गाँव की कच्ची सड़क।
  • सुश्री ज्योति पिथवे – कशीदाकारी।
  • सुश्री आरती गोयल – आधुनिक परिधान में युवती।
  • सुश्री रेणु जैन – अमूर्त में स्त्री।
  • सुश्री प्रतिक्षा पंवार – आठ बच्चों का चित्रण।
  • सुश्री गौरी झांगयानी – स्त्री-पुरुष का चित्रण।
  • सुश्री पूर्वा खंडेलवाल – श्वेत-श्याम रंगों में मोर।
  • सुश्री शालिनी खोजे – एक चित्र में तीन स्त्रियाँ।
  • सुश्री मोनिका शर्मा – गाय में भगवान का रूप।
  • सुश्री चिरमित्रा पंवार – श्रृंगार में भगवान की अमूर्त अभिव्यक्ति।
  • सुश्री दर्शना पंवार – वीणा वादन का स्केच।
  • सुश्री सुहानी मालवीय – अमूर्त स्त्री-पुरुष।
  • सुश्री विभा मीणा – सुंदर स्त्री की कल्पनाशीलता।
  • सुश्री हिमांशी चौबे – चिंतामन मंदिर का दरवाजा और नारायणपुर का दृश्य।
  • सुश्री मंजू तिवारी – नृत्य मुद्रा में चार स्त्रियाँ और एक वादक।
  • सुश्री खुशी दुबे – फूलों से लदे झरने और मंदिरों में नृत्य।
  • सुश्री हर्षिता अग्रवाल – गणेश की मूर्ति।
    हर कलाकार की प्रतिभा और कौशल ने प्रदर्शनी को स्त्री की प्रतिष्ठा और सृजनात्मकता का उत्सव बना दिया। आगे पढ़िये-विक्रमोत्सव 2026: लोकरंजन में भारतीय भाषाओं से महका उज्जयिनी का आंगन – https://indorestudio.com/vikramotsav-2026-ujjain-bhasha-kavi-sammelan/
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