इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। मुंशी प्रेमंचंद की जयंती पर वैसे तो अनेक कार्यक्रम और नाट्य प्रयोग होते हैं लेकिन भोपाल में 31 जुलाई को इस बार साक्षात्कार पर आधारित नाटक ( मोनोड्रामा ) प्रस्तुत किया गया। मुंशी प्रेमचंद की प्रस्तुतियों की दृष्टि से यह पहला विलक्षण मंचन था जिसकी दर्शकों ने बेहद प्रशंसा की।इस नाटक का निर्देशन सीनियर थियेटर डायरेक्टर केजी त्रिवेदी ने किया है। एकालाप की मुख्य भूमिका मृदुला भारद्वाज ने की जिन्होंने मंच पर मुंशी प्रेमचंद की बेटी श्रीमती कमला देवी का अभिनय किया। कमला देवी के माध्यम से मुंशी प्रेमचंद के जीवन और लेखन से जुड़े कई अनुछुऐ पहलुओं को उजागर किया।1986 में मुंशी प्रेमचंद की बेटी श्रीमती कमला देवी से 1986 में यह साक्षात्कार अशोक मनवानी और पत्रकार राजेश सिरोठिया ने लिया था। श्रीमती कमला देवी का एडवोकेट वासुदेव राय श्रीवास्तव से विवाह हुआ था और वे उस वक्त सागर के सिविल लाइन्स के मधुकुंज क्षेत्र में रहती थीं। उसी इंटरव्यू को इस विशिष्ट प्रस्तुति का आधार बनाया गया था। इस नाटक के माध्यम से साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व को दर्शकों ने बेहद गहराई से समझा और जाना। करीब 40 मिनिट की प्रस्तुति में मुंशी प्रेमचंद की बेटी अपने लेखक पिता की पुस्तकों को पढ़ती है। उनकी सृजन प्रक्रिया और इतना बड़ा लेखक होने पर भी बच्चों के साथ बाल सुलभ व्यवहार करने के किस्से सुनाती है। नाटक में शास्त्रीय गीतों और संगीत के प्रयोग ने प्रस्तुति को और भी प्रभावी बनाने का काम किया। बड़ी बात यह भी है कि सिर्फ चार दिन में इस प्रस्तुति को तैयार किया गया। इसे देखने बड़ी संख्या में आम दर्शकों के साहित्यकार, पत्रकार एवं रंगकर्मी भी पधारे। सबने निर्देशन,अभिनय और स्क्रिप्ट की सराहना की। इस अवसर पर नाटक की नाटक की अभिनेत्री मृदुला भारद्वाज ,साक्षात्कार कर्ता राजेश और अशोक सम्मानित किए गए।