इंदौर स्टूडियो, कला प्रतिनिधि। नासिक (महाराष्ट्र) के प्रतिभाशाली कवि राजू देसले को वर्ष 2022 के लिये वसंत राशिनकर स्मृति सम्मान से प्रदान किया गया है। इंदौर के आपले वाचनालय सभागृह में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें मुंबई के राराविकर, अहमदनगर के संदीप काले, सोलापुर के डॉ. शिवाजी नारायणराव शिंदे, वसई की डॉ. पल्लवी परुलेकर बनसोडे, पुणे के डॉ. साईनाथ पाचारने, चंद्रपुर के विद्ध्याधर बन्सोड, मालेगांव के संतोष विट्ठल काम्बले, औरंगाबाद के हबीब भंडारे को भी उनकी काव्य साधना के लिये सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धी पाने वाले भूषण राजुरकर को अच्युत पोतदार प्रदत्त रामू भैया दाते स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
आपले वाचनालय के रचनात्मक योगदान की प्रशंसा: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने आपले वाचनालय को संस्कृति संवर्धन और संरक्षण का अद्वितीय केंद्र निरुपित करते हुए वसंत राशिनकर के निस्वार्थ सामाजिक योगदान को आदरपूर्वक याद किया। मराठी अकादमी के पूर्व निदेशक अश्विन खरे और अध्यक्ष विद्वान मधुसुदन तपस्वी ने संस्था द्वारा किये जा रहे रचनात्मकता के सम्मान का जिक्र किया।
अपने उद्बोधन में कवि, मूर्तिकार और समाजसेवी वसंत राशिनकर द्वारा आपले वाचनालय के माध्यम से समाज मे किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की । इसके पूर्व प्रसंग वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार अनिलकुमार धड्वईवाले ने अपने आत्मीय और प्रभावी संबोधन में न सिर्फ वसंतजी के कार्यों और समर्पण को शिद्दत से याद किया वरन उन्हें शहर की सांस्कृतिक धरोहर निरूपित किया।
मराठी कवि सम्मेलन का भी आयोजन: उत्तरार्ध में वरिष्ठ कवियित्री अलंकनंदा साने की अध्यक्षता में प्रभावी मराठी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस काव्य यात्रा में इंदौर,अहमदनगर,मुंबई,सोलापुर,नाशिक के कवि मेधा खिरे, उमेश थोरात, अरुणा व मनीष खरगोणकर,विश्वनाथ शिरढोणकर, दीपक देशपांडे ,ज्ञानेश्वर तिखे, जया गाडगे, सुषमा अवधूत, संदीप काले, वीणा राराविकर, गजानन तपस्वी, रोहिणी कुलकर्णी, अतुल केकरे, राधिका इंगले, वैशाली पिंगले, अर्चना शेवड़े , आभा निवसरकर, ऐश्वर्या डगावकर, डॉ. वसुधा गाडगिल, वैजयंती दाते ने अपनी विविध रंगी कविताओं से श्रोताओं को अभिभूत किया।
इस प्रसंग पर सम्मानित रचनाकारों ने भी अपनी रचनाओं का पाठ किया । संचालन किया जया गाडगे और श्रीति राशिनकर ने। मनोहर शहाणे द्वारा गायी सरस्वती वंदना के बाद अतिथियों का स्वागत सर्वश्री अरुण डिके,दीपक शिरालकर, दीपक देशपाडे ने किया। संदीप राशिनकर ने आभार माना।

