Wednesday, May 13, 2026
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नाटक ‘शौर्या’ का ही नहीं,समस्त नारी का सम्मान: प्रियंका शक्ति ठाकुर

इंदौर स्टूडियो,कला प्रतिनिधि। ‘जब मुझे यह सूचना मिली कि मेरी नाट्य कृति को प्रादेशिक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है, तब यह जानकर मेरा मन प्रफुल्लित हो उठा। सच में यह पुरस्कार मेरी कृति को नहीं बल्कि एक तरह से समस्त नारी को यह मिला सम्मान है’। नाटक ‘शौर्या’ को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा हाल ही में पुरस्कृत किये जाने पर रंगकर्मी और रंग निर्देशक प्रियंका शक्ति ठाकुर ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की’। हरिकृष्ण प्रेमी (नाटक) वर्ग में शौर्या को पुरस्कार: आपको बता दें साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा हाल ही में अखिल भारतीय और प्रादेशिक स्तर पर विभिन्न साहित्यिक पुरस्कारों की घोषणा की है। अखिल भारतीय 13 (तेरह) एवं प्रादेशिक 15 (पन्द्रह) कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2021 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। अखिल भारतीय प्रति पुरस्कार रुपये 1,00,000/- (रुपये एक लाख) एवं प्रादेशिक प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (रुपये इक्यावन हजार ) के साथ शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति के साथ रचनाकारों को अलंकृत किया जाता है। प्रियंका शक्ति ठाकुर को हरिकृष्ण प्रेमी (नाटक) वर्ग में, भोपाल की कृति ‘शौर्या’ के नाम से पुरस्कृत किया गया है।पुरस्कार के बारे में सोचा नहीं था: प्रियंका शक्ति ठाकुर ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे लिखे नाटक को कभी कोई पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। नारी के संघर्ष और उसके समर्पण को जब मैंने शब्दों में पिरोने की शुरुआत कि और उसे करीब से समझने का प्रयास किया तब यकीन मानिए मेरा रोम-रोम कांप उठा। यह कहानी हमारे आसपास की है जिससे सामान्यत हम सभी अच्छी तरह परिचित हैं। लेकिन 6 महीने के लंबे प्रयत्नों के बाद जब यह कृति किताब के रूप में मेरे हाथ आई, उसके बाद मैंने आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य आरंभ किया।आपको बता दें, नाटक का पहला पाठ लेखिका ने नागपुर में किया था। तब इंदौर स्टूडियो ने इसकी पहली रिपोर्ट प्रकाशित की थी।इस लिंक को क्लिक कर या अलग से गूगल पर पेस्ट कर आप नाटक के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।
https://indorestudio.com/natya-path-me-shaurya-ki-kahani/

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