Wednesday, May 13, 2026
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मेरी पेटिंग्स में मेरी भावनाएं और प्रकृति- बृजमोहन आर्य

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सुभाष अरोरा, इंदौर स्टूडियो। ‘मेरी पेंटिंग्स मेरी भावनाओं की गहराई और प्रकृति के साथ मेरे सम्बंध को छूने की कोशिश है। यह एक नये दृष्टिकोण के साथ मेरी भावनाओं की यात्रा को प्रस्तुत करती हैं’। यह बात कला गुरू बृजमोहन आर्य ने कही। उनकी बनाई कृति ‘इमोशन ऑफ़ नेचर’ को साउथ कोरिया इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल में शामिल किया गया है। इस विषय में उन्होंने कहा, ‘साउथ कोरिया के इस कला उत्सव (GBIAF) में शामिल होना मेरे लिये गर्व की बात है’। श्री आर्य ग्वालियर के फाइन आर्ट कॉलेज, मध्य प्रदेश में कला अध्यापक हैं। वे देश के अग्रणी चित्रकारों में अपना स्थान रखते हैं। उनकी कला कृतियां विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कला उत्सवों में शामिल होती रही हैं। प्रकृति और संवेदना का संगम: कोरिया इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल में शामिल अपनी पेंटिंग के विषय में श्री आर्य ने कहा -‘इमोशन ऑफ़ नेचर’  पेटिंग को मैंने जल रंग से तैयार किया है। इसका आकार 56×76 सेंटीमीटर का है। इस पेंटिंग में मैंने प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं के संगम को दर्शाया है’। उन्होंने कहा,  ‘मेरी पेंटिंग्स अमूमन दैनिक जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं को व्यक्त करती हैं, जो जीवन की सच्चाई को छूने की कोशिश करती हैं। मैं रंगों को शास्त्रीय ढंग से चुनता हूं ताकि वे मेरे चित्रों में जीवंतता और गहराई की भावना जोड़ें’।मैं भावनाओं से प्रेरित चित्रकार: उन्होंने कहा – ‘अपनी पेंटिंग में पारदर्शिता के लिए मैं परत-दर-परत रंग लगाता हूं, जिससे पेंटिंग में गहराई और आकर्षण जुड़ जाता है। मेरा लक्ष्य हमेशा मानवीय चेहरों के माध्यम से भावनाओं की गहराई तक पहुंचना है। प्रकृति में मौजूद भावनाएँ लगातार बदलती रहती हैं और मैं इस बदलती भावना को चित्रित करने का प्रयास करता हूँ’।मेरे चित्रों में प्राकृतिक सुंदरता: एक और सवाल के जवाब में श्री आर्य ने कहा – ‘मेरे चित्रों में पक्षियों, जानवरों, पतंगों, विभिन्न फूलों, पत्तियों, संगीत वाद्ययंत्रों आदि के चित्र शामिल हैं जो प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाते हैं। मेरी पेंटिंग्स के विषय मेरे निजी जीवन की खट्टी-मीठी घटनाओं पर आधारित हैं, जो मुझे याद दिलाते हैं कि मैं अपने जीवन के हर दौर में क्या-क्या झेल चुका हूं। मेरे चित्रों की रंग योजना मेरी तात्कालिक भावनाओं और मनोदशा पर निर्भर करती है, जो दर्शकों के दिल को छू जाती हैं’। मानवीय संवेदनाओं को सर्मपित चित्र: उन्होंने कहा, मैं अपने चित्रों में खुद को प्रकृति की विशिष्टता और मानवीय संवेदनाओं के प्रति समर्पित करता हूं और अपने चित्रों में चित्रांकन और अमूर्तता के बीच के अंतर को मुक्त रखता हूं।  इस वॉटर कलर पेंटिंग में मैंने प्रकृति के बदलते भावों को भी दर्शाया है। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भारतीय कलाकार की तरह शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात है’। आगे पढ़िये –

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