Wednesday, August 19, 2026
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‘मोनिया दि ग्रेट’ में बाल कलाकारों का सराहनीय काम –प्रदीप के. मोहंती

नई दिल्ली,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। ‘नाटक ‘मोनिया दि ग्रेट’ में बच्चों ने तारीफ के काबिल काम किया है। नाटक की संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीएस बर्मा ने भी सराहना की है। महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती वर्ष में आज बच्चों के लिये ऐसे नाटकों को पेश करने की ज़रूरत भी है। मैं इस नाटक के लिये बाल कलाकारों के साथ लेखक और निर्देशकीय टीम को भी बधाई देता हूं।‘ यह बात राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के रजिस्ट्रार प्रदीप के मोहंती ने कही। वे रानावि के परिसर में मोनिया दि ग्रेट टीम के बाल कलाकारों और उनके साथ आये अभिभावकों को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर नाटक के निर्देशक हफीज़ खान, लेखक शकील अख़्तर भी मौजूद थे। चिल्ड्रन थियेटर वर्कशॉप में तैयार नाटक :मोनिया दि ग्रेट’ नाटक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में तीन महीने जारी चिल्ड्रन थियेटर वर्कशॉप में तैयार किया गया है। इसमें दिल्ली के 23 बच्चे काम कर रहे हैं। नाटक के हाल ही में दो शोज़ हो चुके हैं। नाटक की तैयारी प्रक्रिया के बारे में श्री मोहंती ने कहा, ‘थिएटर इन एजुकेशन कंपनी की तरह ही चिल्ड्रन वर्कशॉप का काम भी आगे बढ़ रहा है। ताकि बच्चों को रंगकर्म के माध्यम से बेहतर शिक्षा और संस्कार मिल सके। इस साल भी इसके माध्यम से तीन नाटक तैयार किये गये। इनमें हफीज़ खान निर्देशित और शकील अख्तर के द्वारा शोध पर आधारित लिखित ‘मोनिया दि ग्रेट’ एक पीरियड नाटक है। कम समय में यह अच्छी प्रस्त्तुति तैयार हुई है। इसके आगे भी मंचन की संभावना है।‘ श्री मोहंती ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि बच्चों ने इस नाटक के ज़रिये गांधी जी के सत्य और अहिंसा से जुड़े विचारों को सीखा। जबकि उनके अभिभावकों ने कुछ कमी पेशी रह जाने के बावजूद बच्चों का हर तरह से साथ दिया। ‘

नाटक से बच्चों में जागा नया विश्वास : इस अवसर पर बाल कलाकारों के अभिभावकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की। उन्होंने बताया कि नाटक के दौरान बच्चों ने बहुत कुछ सीखा। उनमें नया आत्म विश्वास जागा। नाटक के विचारों के प्रति भी एक नई आशा जागी। बच्चों ने डेढ़ सौ साल पुराने दौर में बच्चों क जीवन और उनके कुछ खेलों के बारे में जाना। अभिभावकों ने कहा वे इस नाटक के देश में कहीं भी शोज़ के लिये सहज ही सहयोग देने के तैयार रहेंगे। नाटक में अभिनय करने वाले बाल कलाकारों ने कहा, वे पूरी किताब पढ़कर जो बातें नहीं सीख सकते थे, उन बड़ी बातों को उन्होंने नाटक के हंसते-खेलते माहौल में सीखा। उनमें टीम वर्क की भावना जागी। अच्छे दोस्त मिले और इस नाटक ने आजीवन याद रह जाने वाली बातें सीखी।‘मोनिया दि ग्रेट’ एक प्रोसेस्ड नाटक :निर्देशक हफीज़ खान ने कहा, इस नाटक में निर्देशकीय टीम की भूमिका पीछे की थी। हमारे लिये बच्चे सबसे पहले और आगे हैं। हमने बच्चों के साथ मिलकर ही यह प्रोसेस्ड नाटक तैयार किया। इस तरह से काम करना कठिन ज़रूर होता है लेकिन इस तरह  से बच्चे सबसे ज़्यादा सीखते हैं। निर्देशकीय टीम ज़्यादातर मार्गदर्शक की भूमिका में रहती है। लेखक शकील अख़्तर ने कार्यक्रम का संचालन किया, उन्होंने बाल कलाकारों के साथ अभिभावकों के साथ मुलाकात की भूमिका पर प्रकाश डाला और बच्चों को कुछ सुनने-सुनाने के लिये प्रेरित किया।#moniathegreat, #nsd,#mahatmagandhi, #मोनियादिग्रेट #shakeelakhter, #theatre, #drama, #रंगमंच, #नाटक, #महात्मागांधी,
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