शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। ‘आज अगर के आसिफ साहब होते तो उन्हें कितनी ख़ुशी, कितना फख़्र हुआ होता, उनके प्रोजेक्ट (फिल्म, मुग़ल-ए-आज़म) को बिल्कुल ज़िंदा, सुंदर और सजीव तरीके से पेश किया गया।‘ शत्रुघ्न सिन्हा की यह प्रतिक्रिया फिरोज़ अब्बास खान निर्देशित नाटक ‘मुग़ल-ए-आज़म’ के मुंबई में पहले प्रदर्शन को देखने के बाद रही।
दिल्ली में भी भव्य और जीवंत प्रदर्शन: दिल्ली के इंडोर नेहरू स्टेडियम में इसके भव्य और जीवंत प्रदर्शन के बाद दर्शकों की यही प्रतिक्रिया रही। हुनर टीवी की सहर ज़मां कहती हैं, यह ड्रामा एक तरह से नई पीढ़ी के सामने एक क्लासिक फिल्म से परिचित कराने का माध्यम बन रहा है। (curtsy: HunarTV webchannel )
मुगल-ए-आज़म पर ही ग्रैंड शो: यह नाटक के आसिफ़ की सुपर हिट फिल्म, मुगल-ए-आज़म पर ही आधारित है। उसे मंच पर हुबहू पेश किया गया है। फिरोज़ अब्बास खान मंच पर इस ब्लॉक बस्टर फिल्म के जादू जगाने में कामयाब रहे हैं।
2017 से सुर्खियों में यह ग्रैंड स्टेज शो: अगस्त 2017 के बाद से यह म्युज़िकल प्ले चर्चा में बना हुआ है। इस शो की टीम में 350 कलाकार शामिल हैं। इनमें 30 कथक कलाकार भी शामिल हैं। शो के लिये मनीष मल्होत्रा ने फिल्म मुगले आज़म की तरह 550 ड्रेसेस तैयार की हैं। मंच पर इसे म्युज़िकल ब्रॉड वे अंदाज़ में पेश किया गया है।
अनारकली की भूमिका में प्रियंका बर्वे : इस स्टेज प्ले में अनारकली की भूमिका प्रियंका बर्वे निभाती हैं। मंच पर अभिनय के साथ फिल्म के गीत भी गाती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रियंका का जब इस नाटक के लिये चुना गया, तब फिरोज़ अब्बास खान के पूछने पर उन्होंने बेझिझक बताया था कि उन्हें मुगल-ए-आज़म फिल्म नहीं देखी है। प्रियंका मूल रूप से एक सिंगर हैं। वे सारेगम की कंटेस्टेंट रही हैं।
शहजादे सलीम की भूमिका में धनवीर सिंह: शहजादे सलीम की भूमिका धनवीर सिंह निभाते हैं और दिलीप कुमार की याद दिलाते हैं। बाकी कलाकारों और टेक्निशियन ने भी इस प्रॉडक्शन को यादगार बना दिया है। न सिर्फ कॉस्ट्यूम, लाइट, सैट भी कमाल का है, नाटक का हर फ्रेम आपको मुगले आज़म की याद में बहा ले जाता है। अनिल कपूर कहते हैं, फिल्म देखते समय आप जिन भावनाओं से गुज़रते हैं, नाटक देखते समय भी आप वही महसूस करते हैं।
स्टेज प्रॉडक्शन में एक नये दौर की शुरूआत: फिरोज़ अब्बास खान ने इस शो के ज़रिये स्टेज प्रॉडक्शन के एक नये दौर की शुरूआत कर दी है। मुंबई के बाद दिल्ली में प्रदर्शित यह शो लाइव फिल्म की तरह था। ज़ाहिर है कि इतने बड़े शो के टिकट भी मंहगे थे। इसके शुरूआती शो में फ्रंट टिकिट दस हज़ार रूपये का था। मगर इस भव्य शो के सामने वो दस हज़ार रूपये भी देखने वालों को अधिक नहीं लगे। कला और कलाकारों के बारे में पढ़ते रहिये –https://indorestudio.com/


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