Wednesday, September 9, 2026
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मुक्तिबोध जयंती के अवसर पर रायपुर में 5 दिवसीय नाट्य समारोह

इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम। वरिष्ठ कवि मुक्तिबोध की जयंती 13 नवम्बर से रायपुर में पाँच दिनों तक चलने वाले नाट्य समारोह का शुभारंभ होगा। समारोह में इस समय देश में बहुचर्चित 5 नाटकों की प्रस्तुति होगी। समापन अवसर पर 17 नवंबर को दोपहर 2 बजे से जनमंच रायपुर में प्रसिद्ध आर्ट डायरेक्टर, रंग निर्देशक जयंत देशमुख और प्रसिद्ध रंगकर्मी, मध्यप्रदेश ड्रामा स्कूल के डायरेक्टर आलोक चटर्जी रंगमंच और सिनेमा पर बातचीत करेंगे।

पहले दिन असीमा भट्ट का नाटक ‘द्रोपदी’ : नाट्य समारोह के पहले दिन 13 नवंबर को शाम साढ़े छह बजे मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह का उद्घाटन होगा। इसके बाद शाम 7.30 बजे बहुचर्चित नाटक द्रौपदी का मंचन किया जायेगा। इस नाटक की लेखिका, निर्देशिका सुश्री असीमा भट्ट, मुंबई है। असीमा भट्ट देश के ख्याति प्राप्त रंग निर्देशिका और अभिनेत्री है।

नदियों की प्रेम कथा पर आधारित है प्रेम पॉलिटिक्स : समारोह के दूसरे दिन 14 नवंबर को शाम 7 बजे नाटक प्रेम पॉलिटिक्स नाटक का मंचन होगा। रंगदूत सीधी मध्यप्रदेश की इस नाट्य प्रस्तुति के लेखक व निर्देशक प्रसन्न सोनी है यह नाटक नदियों की प्रेम कथा है यह नाटक प्रेम का नाटक नहीं बल्कि दिन ब दिन प्रेम में घुलते जा रही नफरत और हिंसा का नाटक है यह नाटक सोम-नर्मदा का नाटक है।

तीसरे दिन नाटक ‘तितली’ का मंचन : समारोह के तीसरे दिन 15 नवंबर 2019 शाम 7 बजे नाटक तितली का मंचन किया जायेगा। इसके लेखक पंकज सोनी है और इसका निदेशन सचिन वर्मा ने किया है। नाट्य गंगा, छिंदवाड़ा की यह प्रस्तुति पूरे देश में सराही गई है।

गिरीश कर्नाड के नाटक ‘अग्नि और बरखा’ का मंचन : समारोह के चौथे और पांचवे दिन समागम रंगमंडल जबलपुर की दो नाटय प्रस्तुतियां होंगी। 16 नवंबर 2019 शाम 7 बजे नाटक गिरीश कर्नाड लिखित बहुचर्चित नाटक अग्नि और बरखा का मंचन किया जाएगा। इस नाटक का निर्देशन आशीष पाठक, जबलपुर ने किया है।

रंगमंच और सिनेमा पर बातचीत : समारोह के अंतिम दिन 17 नवंबर को दोपहर में रंगमंच और सिनेमा पर संगोष्ठी होगी। जिसमें जयंत देशमुख और आलोक चटर्जी बातचीत करेंगे। इसी दिन शाम 7 बजे नाटक अगरबत्ती का मंचन किया जाएगा। यह नाटक इस समय सर्वश्रेष्ठ नाटकों में से एक है। जिसका मंचन पूरे देश में अलग-अलग स्थानों में जारी है। इस नाटक लेखक आशीष पाठक है और इसे स्वाति दुबे, जबलपुर ने निर्देशित किया है। नाटय समारोह में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं है।

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