इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। यहां प्रस्तुत की गई कला आकृतियां हल्दी,लाल मिर्च,कॉफी और कलम के माध्यम से बनाई गई हैं। यह रचनात्मक प्रयोग ग्वालियर के जाने-पहचाने मूर्तिकार और सेवानिवृत संयुक्त संचालक ( जनसंपर्क) सुभाष चंद्र अरोरा ने किया है। उनके इस नवाचार की सराहना हो रही है।

उनकी इन कला आकृतियों को देखते वक्त यह आभास नहीं होता कि इसमें किचन में सहज काम आने वाली चीज़ों का सदुपयोग किया गया है। मगर जब सुभाष जी यह बताते हैं, तब कोई भी देखने वाला एकबारगी चौंक जाता है। सुभाष चंद्र अरोरा इस विषय में कहते हैं, ‘अभिव्यक्ति का कोई भी माध्यम हो सकता l बहुत से लोगों के लिए ऐसा हो सकता है l वे संगमरमर मैटल-कास्टिंग या दूसरे मूल्यवान माध्यम में बनी कला को महत्व देते हैं या उन्हें ही खरीदते हैं l परंतु मेरा यह मानना है कि कला सिर्फ कला है वह माध्यम पर निर्भर नहीं है। अतः कम मूल्यवान साधनों से भी कला साधना की जा सकती है।’


अगर आपको हल्दी-मिर्च के प्रयोग वाली यह कला पसंद आई हो तो ज़रूर अपनी प्रतिक्रिया दें, क्या ऐसा करने वाले और भी कलाकारों को आप जानते हैं या एक चित्रकार के रूप में आपने भी आम कला माध्यमों से हटकर कोई प्रयोग किया है ? अगर आपने ऐसा किया है तो इंदौर स्टुडियो को भी indorestudio@gmail.com या इसके whatsapp no. +918319506225 पर अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं।

