Wednesday, May 20, 2026
Homeकला खबरें'हैलो शेक्सपियर' की कल्पना बेहद दिलचस्प ,अपने 6 प्रमुख नाटकों के साथ...

‘हैलो शेक्सपियर’ की कल्पना बेहद दिलचस्प ,अपने 6 प्रमुख नाटकों के साथ सबसे बड़ा ड्रामेबाज़ शेक्सपियर भी मंच पर !

साहिल राज़, इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। ‘नाटक ‘हैलो शेक्सपियर’ की कल्पना और लेखन जिज्ञासा जगाने वाला है। शेक्सपियर पर इस तरह से नाटक लिखा जाना बहुत ही दिलचस्प है। नाटक में शेक्सपियर के छह  प्रमुख नाटकों का संयोजन और मंच पर ख़ुद शेक्सपियर की मौजूदगी बड़ी अनूठी बात है। विश्वास है इस नाटक का मंचन नाट्य कलाकारों के लिये एक अलग अनुभव सिद्ध होगा।’ हफीज़ ख़ान और शकील अख़्तर लिखित नये प्रयोगधर्मी नाटक ‘हैलो शेक्सपियर’ को लेकर यह उत्साहजनक प्रतिक्रिया रंगमंच के कई दिग्गजों से मिली है।(रानावि,दिल्ली के कार्यकारी निदेशक दिनेश खन्ना के साथ श्री हफीज़ ख़ान )
हाल ही में नाटक की पहली प्रतियां नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के कार्यकारी निदेशक दिनेश खन्ना, एनएसडी के ही पूर्व निदेशक देवराज अंकुर, प्रख्यात लेखक,अभिनेता,गीतकार पीयूष मिश्रा, संगीत नाटक अकादमी के ड्रामा डिप्टी डायरेक्टर, एनएसडी में डायरेक्शन और एक्टिंग के प्रमुख प्रो.अभिलाष पिल्लई और एकेडेमिक्स डीन अब्दुल कादिर शाह जैसे दिग्गजों के साथ ही नाटक के समीक्षक कवि और आलोचक प्रो.आशुतोष दुबे (अंग्रेज़ी साहित्य) को भेंट की गई। सभी ने नाटक की कल्पना और लेखन की प्रशंसा की। कहा, ‘इस तरह का प्रयोग इसलिये भी अच्छा है कि इससे कलाकारों को शेक्सपियर के काम को समझने का अवसर मिलेगा। साहित्य से जुड़े छात्रों के लिये यह शिक्षण का काम करेगा।’( संगीत नाटक अकादमी,दिल्ली के डिप्टी सेक्रेटी(ड्रामा) श्री सुमन कुमार के साथ लेखक बंधु )
हफीज़ ख़ान ने कहा कि ‘रंगमंच को समर्पित हमारे इस नये काम को जिस तरह से सभी ने सराहा है और इसपर अपनी प्रतिक्रिया जताई है,वह सच में उत्साह जगाने वाली है। हमें आशा है रंगमंच की मंडलियां इस नाटक का मंचन करने में दिलचस्पी दिखायेंगी। हम उनकी हर संभव सहायता करेंगे।( रानावि,दिल्ली के एकेडमी डीन श्री शाह के साथ लेखक )
हफीज़ ख़ान वरिष्ठ नाट्य निर्देशक हैं। वे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय,दिल्ली के थियेटर इन एजुकेशन के संस्थापक सदस्य हैं। उन्होंने बच्चों के लिये सौ अधिक कार्यशालायें की हैं। चार साल पहले उन्होंने शेक्सपियर के समग्र रूप से एक शो के रूप में प्रस्तुत किये जाने के बारे में नाट्य लेखक और वरिष्ठ पत्रकार शकील अख़्तर से चर्चा की थी। इस संकल्पना को लेकर आलेख का लेखन शुरू हुआ। नाटक के लेखन में तीन साल से अधिक का समय लगा। पूर्व में यह दो तीन बार लिखा गया। अंत में नाटक का प्रयोगधर्मी स्वरूप सामने आया जो अब किताब के रूप में प्रकाशित हो चुका है।( नाटक के समीक्षक कवि एवं आलोचक प्रो.आशुतोष दुबे,अंग्रेज़ी साहित्य)
नाटक में शेक्सपियर के 6 प्रमुख नाटकों क्रमश: मैकबेथ,किंगलियर,हैमलेट,रोमियो जूलियट,ऑथेलो और जूलियस सीज़र को अपने संयोजन में प्रस्तुत करता है। डेढ़ घंटे का यह एक आसान और प्रयोगधर्मी नाटक है। नाटक में खुद शेक्सपियर एक अभिनेता के रूप में मौजूद है। वह नाटक में एक लेखक के रूप में अपने जीवन कहानी भी बताता है। इस तरह यह नाटक रंगमंच के साथ स्कूल और कॉलेज में अंग्रेज़ी साहित्य को पढ़ने वाले छात्रों के लिये भी मनोरंजन के साथ एक एजुकेशनल प्ले बन जाता है। यह नाटक भारी भरकम कॉस्ट्यूम ड्रामा से सामान्य कपड़ों में ही खेला जा सकता है। जीन्स और टी शर्ट कलाकार भी नाटक को प्रतीकात्मक पोशाकों और प्रॉपर्टीज़ के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया जा सकता है।शकील अख़्तर बताते हैं, नाटक को पुस्तक आकल्पन,प्रकाशन के साथ इसे ऑनलाइन उपलब्ध कराने में हमें सीनियर राइटर,जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल, पुष्पम् इंटरप्राइज़ेस के उदयन अग्रवाल, हिन्दी साहित्य के प्रोफेसर ख़ामोखां और नईदुनिया समाचार पत्र के मेरे मित्र राजेश जैन (डिसेंट ग्राफ़िक्स) का सहयोग मिला है। सभी के हम आभारी हैं। नाटक anootha.com पर ऑनलाइन उपलब्ध है। नाटक का लिंक यहां दिया जा रहा है। इसे आप ऑनलाइन मंगा सकते हैं।
https://www.anootha.com/books/1618-hello-shakespeare.html

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

जावेद अहमद शाह ख़ान "अल-हिंदी" on रंगमंच की नई उड़ान…सौम्या व्यास