कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। छिंदवाड़ा में तीन-दिवसीय ‘8वें नाट्यगंगा राष्ट्रीय नाट्य समारोह‘ का रंगारंग शुभारंभ हो चुका है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन दर्शकों को हास्य-व्यंग्य और सस्पेंस से भरपूर दो शानदार नाटकों का मंचन देखने को मिला, जिसकी कला प्रेमियों ने भरपूर सराहना की।
राजा के विलास और व्यवस्था पर करारा व्यंग्य:
समारोह की शुरुआत स्थानीय नाट्यगंगा रंगमंडल द्वारा प्रस्तुत सुप्रसिद्ध नाटक ‘जादू का सूट’ से हुई। अलखनंदन द्वारा लिखित इस हास्य-व्यंग्य नाटक का कुशल निर्देशन युवा निर्देशक गुंजन मेटेकर और पूनम बचले ने किया। नाटक की कहानी एक ऐसे दूर देश के राजा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो राज-काज के कामों को छोड़कर केवल भोग-विलास में लिप्त रहता है। कलाकारों के जीवंत अभिनय और कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को हंसते-हंसते लोटपोट कर दिया।
सशक्त अभिनय से कलाकारों ने जीता दिल:
इस नाटक में युवा कलाकारों के सधे हुए प्रदर्शन ने सभी को हतप्रभ कर दिया। अबीर वर्मा, शिवांश श्रीवास्तव, नभ बचले, वेद श्रीवास्तव, अनुश्री शुक्ला, आरिज़ खान, विहान चोरकर, शाम्भवी गुप्ता, अनादि सोनी, रिधिमा चोरकर, अवनि सोनी और अदितांश चौरसिया ने अपने बेहतरीन अभिनय से नाटक को नई ऊंचाइयां दीं।
रहस्य और उत्सुकता का ताना-बाना: ‘खिड़की’:
नाट्यगंगा के समारोह की दूसरी प्रस्तुति एकाक्षर स्किलर्स (अंबाला, हरियाणा) की ओर से नाटक ‘खिड़की’ की रही। विकास बाहरी द्वारा लिखित और तरुण जलोटा द्वारा निर्देशित यह नाटक एक लेखक की मानसिक दुनिया और उत्सुकता को दर्शाता है। लेखक अपने घर की खिड़की से रोज़ एक लड़की को देखता है और उसके बारे में कई अंदाज़े लगाता है, जैसे उसका नाम क्या है और वह फ़ोन पर किससे बात करती है। कहानी में रोमांच तब अपने चरम पर पहुँचता है जब उसके सारे अंदाज़े एक-एक कर सच होने लगते हैं। तरुण जलोटा, चंचल आथ्या और भरत ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। आगे पढ़िये – जबलपुर में जल्द शुरु होगा बच्चों का ‘संडे बाल क्लब’ https://indorestudio.com/sunday-theatre-club-jabalpur-vivechana-bal-natya-shivir/

