नई दिल्ली,31 मार्च (इंदौर स्टुडियो)। आठवें थिएटर ओलम्पिक्स में युवा प्रतिभाओँ के लिए समर्पित सेगमेंट ‘अद्वितीय’ का 43 दिनों बाद समापन हो गया। इस कार्यक्रम में जाने पहचाने गीतकार,अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र स्वानंद किरकिरे मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। प्रसिद्ध कलाकार और एनएसडी के पूर्व छात्र पंकज त्रिपाठी, आदिल हुसैन, रसिका दुग्गल भी इस आयोजन की शान बने। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव एमएल श्रीवास्तव और अतिरिक्त सचिव सुजाता प्रसाद गेस्ट ऑफ ऑनर के बतौर शामिल हुए। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के डायरेक्टर प्रो. वामन केंद्रे ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्यां में युवा कलाकारों ने हिस्सा लिया।



इस विशेष कार्यक्रम में लघु नाट्य लेखन प्रतियोगिता में शामिल युवा लेखकों को भी पुरस्कृत किया गया। नाट्य लेखन की प्रतियोगिता 35 साल तक के युवाओं के लिए आयोजित की गई थी। इसमें बैंगलोर की विद्या वी राव को 1 लाख रुपये का पहला पुरस्कार अंग्रेजी नाटक ‘मुगल सागा’ के लिए मिला। भोपाल के नीतीश दुबे को उऩके लिखे हिंदी नाटक लिए 50,000 रुपये का दूसरा पुरस्कार जीता । कोलकाता की इपसिटा कुंडू को 25,000 रुपये का तीसरा पुरस्कार दिया गया। पुरस्कारों का चयन असग़र वजाहत, प्रो. त्रिपुरारी शर्मा और मनोहर खुशलानी की जूरी ने किया।
कार्यक्रम में 8वेँ थिएटर ओलम्पिक्स में नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन करने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 कॉलेजों को सर्टिफिकेट के साथ ही पांच-पांच हज़ारू रूपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। समापन समारोह के दौरान श्री स्वानंद किरकिरे ने कहा -रंगमंच एक गौरवशाली मंच है जो कला के साथ युवाओं को जोड़ता है, रंगमंच को हर शहर में कामयाब होना चाहिए। मैंने वामन केन्द्र जी के प्रॉडक्शन से अपना करियर शुरू किया। मै आज यहाँ अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। स्वानंद ‘इंटरफेस’ के कार्यक्रम में भी शामिल हुए ।

प्रो. वामन केंद्रे ने कहा- थियेटर ओलंपिक में दर्शकों के साथ ही युवा कलाकारों, थियेटर कलाकारों और समीक्षकों का योगदान ‘अद्वितीय‘ हैं। संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम एल श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुआ कहा, मैं 8वेँ थियेटर ओलिम्पिक के दौरान विभिन्न शहरों में रहा हूं, इस मेगा फेस्टिवल के लिए युवाओं के उत्साह को देखा है। मैं इस सफलता के लिए आयोजन समिति को बधाई देना चाहूंगा । मशहूर अभिनेता श्री पंकज त्रिपाठी ने कहा- मै एनएसडी परिसर में आकर बेहद खुश हू। यह वह जगह है जहां मैंने अपना करियर की शुरूआत की, यहाँ से ही मुझे सब कुछ मिला। मैंने हमेशा सोचा कि इस समाज में एक कलाकार की क्या जरूरत है? लेकिन एक अभिनेता के रूप में काम करते हुए मुझे इस बात का अहसास हुआ कि कला समाज के लिए बेहद ज़रूरी है, यह समाज को बचाता है, उसके पोषण का काम करता है।





‘अद्वितीय’ के समापन समारोह के दौरान मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से एनएसडी कैंपस तक एक रंगीन और संगीत परेड चला जिसमे गुजरात, हरियाणा एवं ओडीसा के लोक नृत्य, डांडिया और हरियाणवी लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी । एनएसडी के पहले, द्वितीय और तीसरे वर्ष के छात्रों ने भी लोक और शास्त्रीय नृत्य के साथ-साथ अपने गीतों का थिएटर बैंड का कार्यक्रम पेश किया।51 दिनोँ तक चलने वाले इस थिएटर ओलम्पिक्स का समापन 8 अप्रैल 2018 को मुम्बई में होगा। (indorestudio.com विशेषकर मध्य प्रदेश के कलाकारों की ख़बरों और वीडियोज़ की वेबसाइट है। अपनी कला गतिविधियों के समाचार,फोटो,वीडियो,सुझाव mpartisthelp@gmail.com या indorestudio@gmail.com पर भेजे।)

