कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। मॉस्को में एनएसडी, दिल्ली के छात्रों ने हाल ही में तैयार अपने दो नाटकों ‘कर्मांकुश’ और ‘राम चरितम्’ का मंचन किया। दूसरे वर्ष के छात्रों ने अपनी यह प्रस्तुति रूसी नाट्य कला संस्थान (गिटिस) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय छात्र महोत्सव “गिटिस फेस्ट” में प्रस्तुत की। यह महोत्सव दुनिया भर के कला विद्यार्थियों और थिएटर संस्थानों के लिए अपनी कला प्रदर्शित करने का एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने का अवसर: एनएसडी के त्रिवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत दूसरे वर्ष के इन छात्रों को इस फेस्टिवल में आमंत्रित किया गया था। इस शैक्षणिक और कलात्मक यात्रा के दौरान भारतीय छात्रों को अलग-अलग देशों के प्रमुख नाट्य संस्थानों के बेहतरीन नाट्य प्रयोगों को करीब से देखने, समझने और उन देशों की थिएटर विधाओं से सीखने का अमूल्य अवसर प्राप्त हुआ।
नाटकों का मंचन और विशेष प्रशिक्षण: महोत्सव के दौरान एनएसडी के छात्रों ने अपनी दो हालिया प्रस्तुतियों का बेहद सफल मंचन किया। इन नाटकों में सुमन साहा के निर्देशन में “कर्मांकुश” और सुरेश अनागेल्ली के निर्देशन में “उत्तर रामचरितम्” शामिल रहे। इन प्रस्तुतियों के अलावा, छात्रों ने अपने अभिनय कौशल को और अधिक निखारने के लिए प्रोफेसर अन्ना द्वारा आयोजित ‘मास्टर क्लास’ में हिस्सा लिया। इसके साथ ही, कोसेन्को विक्टोरिया के निर्देशन में आयोजित ‘स्वर प्रशिक्षण सत्र’ (Vocal Training) में भी उन्होंने सक्रिय सहभागिता दर्ज की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व: इस पूरी अंतरराष्ट्रीय सहभागिता में छात्र प्रतिनिधिमंडल का सफल नेतृत्व एनएसडी के एसोसिएट प्रोफेसर (अभिनय) श्री यशराज जाधव और प्रॉडक्शन मैनेजर श्री पराग शर्मा ने किया। यह महोत्सव छात्रों के लिए न केवल एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव सिद्ध हुआ है, बल्कि इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय रंगमंच छवि भी मजबूती से रेखांकित हुई।
गिटिस संस्थान और ‘गिटिस फेस्ट’ की विशेषता: गिटिस (GITIS – Russian Institute of Theatre Arts) मॉस्को में स्थित रूस का सबसे बड़ा और सबसे पुराना स्वतंत्र नाट्य कला संस्थान है, जिसकी स्थापना 1878 में हुई थी। इसके द्वारा आयोजित ‘गिटिस फेस्ट’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के नाटकों का एक प्रमुख महोत्सव है। इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह दुनिया भर के भावी कलाकारों, निर्देशकों और थिएटर स्कूलों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहाँ वे अपनी कला के प्रदर्शन के साथ-साथ मास्टर क्लास और कार्यशालाओं के जरिये सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान करते हैं। इस महोत्सव में आमतौर पर भारत, चीन, सर्बिया और रूस सहित 10 से अधिक देशों के थिएटर संस्थानों के छात्र हिस्सा लेते हैं। आगे पढ़िये: वो छायाकार जिसने कैमरे में क़ैद की भारत की आत्मा – https://indorestudio.com/raghu-rai-tribute-legendary-indian-photographer/
GITIS FEST: मॉस्को में ‘कर्मांकुश’ और ‘राम चरितम्’, NSD छात्रों की प्रस्तुति
RELATED ARTICLES

