शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), दिल्ली के ‘समर थियेटर फेस्टिवल’ 8 मई 2026 से शुभारंभ हो गया है। 10 जून 2026 तक चलने वाले इस 38 दिवसीय नाट्य महोत्सव में 10 चुनिंदा नाटकों के कुल 26 शोज़ होंगे। फेस्टिवल का आग़ाज़ प्रख्यात निर्देशक भानु भारती द्वारा निर्देशित नाटक ‘अक्स तमाशा’ से हुआ।
आधिकारिक पोस्टर और शेड्यूल जारी: यह जानकारी एनएसडी परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एनएसडी के निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने दी। इस अवसर पर उन्होंने फेस्टिवल का आधिकारिक पोस्टर और शेड्यूल भी जारी किया। प्रेस वार्ता में विद्यालय के रजिस्ट्रार श्री प्रदीप कुमार मोहंती और एनएसडी, रंगमंडल के प्रभारी श्री राजेश सिंह भी उपस्थित थे। संचालन श्री प्रकाश झा ने किया।
‘अक्स तमाशा’ रंगमंडल की नई प्रस्तुति: श्री त्रिपाठी ने बताया कि ‘अक्स तमाशा’ रंगमंडल की नई प्रस्तुति है। इसे हमारे गुरू और सीनियर श्री भानु भारती जी ने हमारे आग्रह पर फिर से तैयार किया है, इसका पहला प्रदर्शन 1996-97 में हुआ था। यह नाटक ज्ञान पीठ पुरस्कार से सम्मानित नाटककार चंद्रशेखर बी. कम्बार के प्रसिद्ध कन्नड़ नाटक ‘सीरी सिम्पिगे’ का हिंदी रूपांतरण है। इसका अनुवाद वरिष्ठ नाट्य निर्देशक और लेखक प्रो. राम गोपाल बजाज ने किया है। लोक शैली में रचित यह नाटक जुड़वाँ पात्रों के माध्यम से भ्रम और सत्य की पड़ताल करता है। व्यंग्य और प्रतीकों से सजी इस प्रस्तुति का संगीत भी विशिष्ट है।
विविध नाटकों का मंचन और विस्तार: फेस्टिवल में ‘बायेन’, ‘ताजमहल का टेंडर’, ‘बंदी गली का आख़िरी मकान’, ‘माई री मैं का से कहूँ’, ‘तमस’, ‘अंधा युग’, ‘बाबूजी’, ‘आधे अधूरे’ और ‘समुद्र मंथन’ जैसे नाटकों का मंचन होगा। दिल्ली के साथ-साथ इनके प्रदर्शन जयपुर (जून के पहले हफ्ते में) और हिमाचल प्रदेश (15 जून के बाद) शिमला, बिलासपुर और कुल्लू में भी किए जाएंगे। श्री त्रिपाठी ने कहा कि एनएसडी का लक्ष्य अपने आयोजनों का विस्तार करना है। इसलिये यह समर फेस्टिवल दूसरे शहरों में भी प्रस्तुत होगा।
प्रस्तुतियों में कुछ पुराने अभिनेता भी: उन्होंने बताया, विविध नाट्य प्रस्तुतियों में नाटकों के कुछ ऐसे अभिनेता भी नज़र आएंगे, जो इसकी पहली प्रस्तुतियों से जुड़े रहे हैं। इनमें रवि खानविलकर, प्रतिमा काज़मी, कविता कुंद्रा और श्री वर्धन त्रिपाठी जैसे अनुभवी कलाकार शामिल हैं। अपने प्रसिद्ध नाटक ‘ताजमहल का टेंडर’ पर चर्चा करते हुए निदेशक ने बताया कि यह नाटक पिछले 28 वर्षों से दर्शकों की पसंद बना हुआ है, जिसमें वे ख़ुद भी अभिनय करते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, यह नाटक इसलिये फेस्टिवल में शामिल नहीं है कि मैं यहां पर निदेशक हूँ, मैं दो ढाई साल पहले यहां आया। मेरे आने से पहले से यह नाटक दर्शकों की पसंद की वजह से लगातार चल रहा है।
बुक माय शो पर टिकट उपलब्ध: नाटकों के टिकट बुक माय शो पर उपलब्ध कराये गये हैं, इनकी क़ीमत 100 रूपये से लेकर 900 रूपये है। उन्होंने एक बार फिर कहा – ‘हमारे नाटकों के टिकट के दाम दूसरे कमर्शियल थियेटर की तुलना में बहुत कम हैं। वहां अगर कोई बड़ा कलाकार ना भी हो, तब भी दर्शक महँगे टिकट ख़रीदकर नाटक देखते हैं। हमें टिकट बिक्री से जो थोड़ी बहुत राशि मिलती है, वह बचत रंगकर्म के ही किसी न किसी रूप में काम आती है। हम चाहेंगे कि एक समय ऐसा आये, जब हमारे टिकटों के दाम भी और बढ़ें और रंग साधना कर रहे एक कलाकार को भी उसके श्रम के एवज़ में बेहतर मानदेय और जीवन जीने का हक़ मिल सके।
डीडीए और मेट्रो के साथ एमओयू : श्री त्रिपाठी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि एनएसडी ने डीडीए (DDA) और दिल्ली मेट्रो के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत डीडीए के पार्कों (जैसे बंसाड़ा पार्क) में बच्चों के लिए नाट्य शिविर का आयोजन हुआ है। साथ ही, मेट्रो कर्मचारियों के लिए नाट्य प्रशिक्षण जैसे हमारे सहयोग के बदले में मेट्रो राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के आयोजनों के विज्ञापनों के प्रसार में अपना सहयोग देगा।
प्रचार सामग्री में कलाकारों को प्रमुखता: एक सवाल के जवाब में उनके साथ ही एनएसडी रंगमंडल प्रमुख राजेश सिंह ने बताया कि अब पोस्टर में कलाकारों को प्रमुखता दी जा रही है, जो दर्शकों को आकर्षित करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। पहले कलाकारों को पोस्टर में उतनी जगह नहीं मिलती थी। श्री त्रिपाठी ने कहा, हमारा अनुभव है कि बहुत बार दर्शक किसी कलाकार विशेष को देखने के लिये भी नाटक में आते हैं। अंत में बेहतर कवरेज की अपील के साथ रजिस्ट्रार प्रदीप के. मोहंती ने आभार व्यक्त किया। आगे पढ़िये – तीन महीने के बेसिक कोर्स की उपलब्धि ‘येरमा’ https://indorestudio.com/yerma-play-review-nsd-basic-drama-course/
‘अक्स तमाशा’ से NSD के समर थियेटर फेस्टिवल का आग़ाज़
RELATED ARTICLES

