Wednesday, August 19, 2026
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पणजी में अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव के 52 वें संस्करण का रंगारंग शुभारंभ

(पणजी, गोवा से मंजूला शिरोडकर की विशेष रिपोर्ट)
इंदौर स्टुडियो। गोवा के पणजी में शनिवार को भारत के अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (International Film Festival of India) के 52 वें संस्करण का देश-विदेश की सिने,राजनीतिक और कला-समीक्षक हस्तियों के बीच रंगारंग शुभारंभ हुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस महोत्सव में राज्यपाल श्री पी. एस. श्रीधरन पिल्लै, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, और केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री श्री एल. मुरुगन शामिल हुए। समारोह में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य भारत को विश्व सिनेमा का केंद्र बनाना है।’मंच पर सितारों के कला संसार का वैभव :
उदघाटन समारोह में अपनी कला संसार का वैभव रचने वाले सितारों में सलमान खान, रणवीर सिंह, रितेश देशमुख, जेनेलिया देशमुख और श्रद्धा कपूर सहित भारतीय सिनेमा की बड़ी हस्तियां शामिल थीं। उद्घाटन समारोह की मेजबानी मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर और एंकर और अभिनेता मनीष पॉल ने संयुक्त रूप से की। महोत्सव में सलमान खान और रणवीर सिंह की शानदार उपस्थिति के अलावा, सिद्धार्थ आनंद, मधुर भंडारकर, सामंथा रूथ प्रभु, मनोज बाजपेयी, खुशबू सुंदर, रवि कोट्टारकरा, राज निदिमोरु और कृष्णा डीके सहित कई प्रतिष्ठित फिल्म हस्तियों ने उद्घाटन समारोह के सम्मान में इजाफा किया। दो दिग्गजों लाइफ़ टाइम एचिवमेंट अवार्ड: इस अवसर पर विश्व सिनेमा की दो दिग्गज फिल्म मेकर, हंगेरियन फिल्म निर्देशक इस्तवन स्जाबो और अमेरिकी फिल्म निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक और अभिनेता मार्टिन स्कॉर्सेस को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में उनकी उत्कृष्टता के लिए सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। दोनों ने उन्हें सम्मानित किये जाने पर भावपूर्ण वीडियो संदेश दिये, अवार्ड को एक उपलब्धि और यादगार बताया। इस्तवन स्ज़ाबो ने कहा,’महान सत्यजीत रे के साथ 30 साल पहले उनकी मुलाक़ात तब के मद्रास में हुई थी। उन्होंने कहा, ” रे ने मुझे और मेरी पत्नी को डिनर पर आमंत्रित किया, जो बहुत अच्छा था। उनकी फिल्मों और फिल्म निर्माण और हमारे पेशे पर हमारी शानदार चर्चा हुई थी। यह एक गहन चर्चा थी जिसे मैं कभी नहीं भुलूंगा।”मेरी प्रेरणा रहे सत्यजीत रे :
मार्टिन स्कॉर्सेज़ न्यू हॉलीवुड युग की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं, जिन्हें फिल्म इतिहास में व्यापक रूप से सबसे महान और सबसे प्रभावशाली निर्देशकों में से एक माना जाता है। सम्मान पर आभार जताते हुए मार्टिन स्कॉर्सेज़ ने कहा,’ मेरी प्रेरणा रहे, सत्यजीत रे के नाम पर इस तरह का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उनकी फिल्म पाथेर पांचाली देखना मेरे लिए एक रहस्य के खुलासे जैसा अनुभव था और इसने मुझे एक पूरी नई दुनिया दिखाई।’हेमा मालिनी और प्रसून जोशी का सम्मान :
समारोह में हेमा मालिनी को इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2021 से सम्मानित किया गया। हेमाजी दो बार की सांसद हेमा मालिनी को इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड 2021 प्रदान किया गया है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार पर ख्यात अभिनेत्री ने कहा,”मैं इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड 2021 पाकर बहुत खुश हूं।” एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इस बार प्रसिद्ध गीतकार और सीबीएफसी के अध्यक्ष प्रसून जोशी को इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया है। उन्हें 28 नवंबर, 2021 को इफ्फी (IFFI, Goa) के समापन समारोह में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो सम्मानित:
आजादी का अमृत महोत्सव के 75 वें वर्ष के अवसर पर आईएफएफआई में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए देश भर से 75 युवा महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं को चुना गया है। इस नई पहल के बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “पहली बार, हम 75 होनहार युवाओं को पहचान रहे हैं और उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि हम भारत की आजादी के 75 साल का उत्सव मना रहे हैं। उन्हें एक अति सावधान चयन प्रक्रिया के बाद ग्रैंड जूरी और चयन जूरी द्वारा चुना गया है।” केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सबसे कम उम्र के उम्मीदवार बिहार के सिर्फ सोलह साल के आर्यन खान हैं, जिन्हें फिल्म निर्देशन में उनके कौशल के लिए चुना गया है। चुने गए 75 युवाओं में 7 महिला और 68 पुरुष कलाकार शामिल हैं, सभी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। इन्हें निर्देशन, संपादन, गायन और पटकथा लेखन सहित फिल्म निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट कौशल के आधार पर चुना गया है।
अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय पैनोरमा जूरी सम्मानित:
समारोह के दौरान जूरी चेयरपर्सन ईरानी फिल्म निर्माता रक्षण  बनिएतमड और फिल्म निर्माता एवं निर्देशक स्टीफन वूली, फिल्म निर्माता सिरो गुएरा, विमुक्ति जयसुंदरा और नीला माधव पांडा सहित अन्य सदस्यों के नेतृत्व में 52 वें आईएफएफआई के लिए अंतरराष्ट्रीय जूरी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, समारोह में मंच पर एक पिक्चर कोलाज के माध्यम से भारतीय पैनोरमा और ब्रिक्स फिल्म महोत्सव की जूरी का परिचय भी देखा गया, जो आईएफएफआई 52 के साथ आयोजित किया जाएगा।कलाकार के शब्द परमात्मा के शब्द समान :
उद्घाटन समारोह में गोवा के राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लै ने कला की दिव्य उत्पत्ति और महत्व और हमें अपनी जड़ों से जोड़ने में इसकी अपार शक्ति के बारे में बताया। उन्होंने कहा, हमारे प्राचीन ग्रंथ कहते हैं, एक कलाकार के शब्द परमात्मा के शब्द के समान होते हैं। कला हमारे देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के पोषण और संरक्षण में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।” केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य भारत को विश्व सिनेमा का केंद्र बनाना है। हम अपने कुशल युवाओं के बीच अपार तकनीकी प्रतिभा का लाभ उठाकर भारत को दुनिया का पोस्ट प्रोडक्शन हब बनाने की कोशिश के मज़बूत इरादा रखते हैं। फिल्म निर्माताओं के लिए हमारा संदेश यह है – ‘सहयोगात्मक विविधता’ के भारत के ‘सिनेमैटिक कैलिडोस्कोप’ का हिस्सा बनें, जो एक उभरते, असंख्य महत्वाकांक्षी आवाज के रूप में नई प्रगति करने और जो मौजूदा दशक और उससे आगे के समय में भी नेतृत्व करने के लिए तैयार है।’
आई डॉ. मनोहर पर्रिकर की याद :
52वें आईएफएफआई में प्रतिनिधियों और मेहमानों का स्वागत करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री स्वर्गीय डॉ. मनोहर पर्रिकर को याद किया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि ‘यह महोत्सव सामाजिक और सांस्कृतिक लोकाचार को समझने और विश्व सिनेमा की सराहना करने की अनुमति देता है। हमारे अभिनेता अतीत में महान नायकों और महान घटनाओं को जीवंत कर देते हैं।’
महोत्सव में 96 देशों की 624 फिल्में : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्रा ने बताया,’कोविड-19 के बावजूद 96 देशों से महोत्सव को 624 प्रविष्टियां मिलीं हैं। भारतीय पैनोरमा खंड में भारत की 18 विभिन्न भाषाओं की 44 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें दिमासा भाषा की फिल्म शामिल है, जो संविधान की 8वीं अनुसूची में दर्ज भी नहीं है। 12 विश्व प्रीमियर,7 अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियर और 64 राष्ट्रीय प्रीमियर हैं, जो यह दर्शाता है कि आईएफएफआई के लिए साल-दर-साल चाहत बढ़ रही है। पहली बार, पांच ब्रिक्स देशों, अर्थात् ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और भारत की फिल्मों को आईएफएफआई के साथ ब्रिक्स फिल्म महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के बाद के युग में आईएफएफआई के दूसरे संस्करण ने आधुनिक तकनीकों को अपनाया है ताकि ऑन-ग्राउंड और वर्चुअल/ऑनलाइन फिल्म स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास, वार्तालाप सत्र और अन्य समारोहों के हाइब्रिड फॉर्मेट को अपनाया जा सके।     (मंजूला शिरोडकर वरिष्ठ पत्रकार, लेखिका और सिनेमा विशेषज्ञ हैं। आप इफ्फी की प्रिव्यू कमेटी की सदस्य हैं। साथ ही वर्ड्स वर्थ इंटरप्राइज़ेस की संस्थापक निदेशिका हैं। इनपुट और तस्वीर सौजन्य :पीआईबी )

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