कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। वरिष्ठ रंगकर्मी और निर्देशक आलोक शुक्ला के लिखे नाटक ‘अजीब दास्तां’ का मंचन नेशनल थिएटर फेस्टिवल पटियाला में हुआ। दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना की। 26 नवंबर की शाम इस नाटक को ‘प्रासंगिक समूह रीवा की दिल्ली इकाई’ ने प्रस्तुत किया।
दो तलाक शुदा दंपत्ति की कहानी: नाटक महानगर में रहने वाले दो ऐसे दंपत्ति की कहानी पर आधारित है जो तलाक शुदा हैं। दोनों अपनी-अपनी पंसद से एक नया लाइफ पार्टनर चुनते हैं लेकिन फिर भी स्थितियां चुनौती पूर्ण बनी रहती हैं। दूसरी ओर उनका किशोर उम्र का बच्चा नशे की लत में पड़ जाता है और उसे सुधार गृह में भेजना पड़ता है।
मेरी हालत का ज़िम्मेदार कौन: नाटक की शुरुआत सुधार गृह में भर्ती बच्चे से शुरू होती है, बच्चे की मां और पिता के उसकी स्थिति पर व्यथित हैं। इसी समय यह भी पता चलता है कि दोनों अलग होकर, अपनी अलग ज़िंदगी शुरू कर चुके हैं। आख़िर में बच्चा पूछता है कि उसकी इस हालत का जिम्मेदार कौन हैं ?
भावपूर्ण अभिनय और संवाद: नाटक के भावपूर्ण अभिनय और हृदयस्पर्शी संवाद दर्शकों के दिलों को छू गये। दर्शकों को पता ही नहीं चला कि प्रस्तुति के 80 मिनिट कब गुज़र गए। प्रस्तुति के बाद बहुत से दर्शकों ने लेखक और निर्देशक आलोक शुक्ला के साथ ही सभी कलाकारों से मुलाक़ात की। अपनी प्रतिक्रिया देने के साथ ही तस्वीरें खिंचवाई।
इन कलाकारों से सजा नाटक: नाटक के मुख्य कलाकारों में नतेशा (सुरभि), कविता (मोनाली), निकिता (जानकी), निखिल कुमार (आदित्य उर्फ अप्पू), मृदुल कुमार ( प्रणय और मिस्टर गुप्ता), टेकचंद (अनुराग और प्रदीप), प्रताप सिंह (पिता) और विनय शर्मा (कूरियर बॉय) शामिल रहे। आलोक शुक्ला नाटक में अटेंडेंट की भूमिका अदा की। मंच सज्जा, प्रकाश सज्जा और ध्वनि संचालन टेकचंद और विनय शर्मा की रही। रूप सज्जा- नतेशा और निकिता की थी। गायन-वादन अभ्युदय मिश्रा का था। आगे पढ़िये – विवेचना के कला महोत्सव को जिसने देखा, देखता ही रह गया https://indorestudio.com/vivechna-ka-kala-mahotsav/









