कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से संबद्ध ‘नाट्यगंगा रंगमंडल’ द्वारा छिंदवाड़ा जिले में रंगकर्म के विस्तार के लिए 14 से 18 अप्रैल तक पाँच दिवसीय नाट्योत्सव का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से पधारीं सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पौलोमी घोष ने अपने अविस्मरणीय एकल अभिनय से दर्शकों को पूरी तरह रोमांचित कर दिया।
रोंगटे खड़े कर देने वाला था मंचन: इन पाँच दिनों में पौलोमी घोष ने जम्मू-कश्मीर के सुप्रसिद्ध अभिनेता, लेखक और निर्देशक लकी गुप्ता के निर्देशन में नाटक ‘अंधकार से प्रकाश की ओर’ के छिंदवाड़ा के विभिन्न स्थानों पर दस सफल मंचन किए। यह नाटक सुविख्यात लेखिका, विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता हेलन केलर के जीवन पर आधारित है। हेलन केलर एक ऐसी असाधारण महिला थीं, जो देख और सुन नहीं सकती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी इस शारीरिक अक्षमता से कभी हार नहीं मानी। उन्होंने इन चुनौतियों से लड़कर सफलता प्राप्त की, बोलना सीखा और स्नातक की डिग्री भी हासिल की।
रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रस्तुति: इस प्रेरणादायी कहानी को जब पौलोमी लगभग एक घंटे तक मंच पर प्रस्तुत करती थीं, तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते थे। पूरे एक घंटे तक दर्शक अपनी साँसें रोके यह मंचन देखते थे और अंत में खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनेत्री का उत्साहवर्धन करते थे। पौलोमी घोष का इस नाटक को लेकर कहना है, “मैं हेलन केलर की प्रेरणादायक कहानी को पूरे देश के लोगों तक पहुंचाना चाहती हूँ, इसी कारण मैं इस नाटक को लेकर देश भ्रमण कर रही हूँ। मेरा मानना है कि जब एक ऐसी महिला जो देख और सुन नहीं सकती थी, वो सफलता प्राप्त कर सकती है, तो हम अपनी जिंदगी की छोटी-मोटी परेशानियों से हार क्यों मान जाते हैं।”
हर वर्ग तक रंगकर्म पहुँचाने की अनूठी पहल: इस प्रेरणादायी नाटक के मंचन के लिए नाट्यगंगा द्वारा छिंदवाड़ा के विभिन्न सार्वजनिक और शैक्षणिक स्थानों को चुना गया, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इससे जुड़ सके। वर्धमान सिटी कॉलोनी, सांदीपनी विद्यालय गुरैया, काली बाड़ी मंदिर प्रांगण, अरिहंत इंटरनेशनल एकेडमी, शासकीय एम.एल.बी. स्कूल, सतपुड़ा विधि महाविद्यालय, ब्लूम एक्स कंपनी और दिल्ली पब्लिक स्कूल आदि स्थानों पर विभिन्न दर्शक वर्गों ने इस नाटक का आनंद लिया। उल्लेखनीय बात यह रही कि काली बाड़ी मंदिर प्रांगण में बंगाली नववर्ष के विशेष अवसर पर इस नाटक का मंचन बांग्ला भाषा में किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा सहयोग: इस पूरे आयोजन में नाट्यगंगा के अध्यक्ष सचिन वर्मा, पूनम बचले, श्रीधर शर्मा, नीरज सैनी, संजय औरंगाबादकर, अमजद खान, अमित सोनी, रोहित रूसिया, डॉ. नरेंद्र बचले, नीता वर्मा, गुंजन मेटेकर, स्वाति चौरसिया, निकेतन मिश्रा, हर्ष डेहरिया, रूपेश डेहरिया, हर्ष यादव, सुवर्णा दीक्षित और वैशाली मटकर का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आगे पढ़िये – रंगमंच के ज़रिये एड गुरू को दी गई श्रद्धांजलि –https://indorestudio.com/piyush-rang-mahotsav-delhi-rama-pandey-tribute-ad-guru/

