इंदौर स्टूडियो। हिंदी साहित्य की प्रख्यात लेखिका मन्नू भंडारी का निधन हो गया है। वे प्रसिद्ध साहित्यकार राजेंद्र यादव की पत्नी थीं। उनकी बेटी रचना यादव ने बताया, ‘वह करीब 10 दिन से बीमार थीं। उनका हरियाणा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां आज दोपहर को उन्होंने अंतिम श्वांस ली। वे 90 बरस की थीं।’ रचना ने कहा कि मां का अंतिम संस्कार मंगलवार को दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा।
मन्नू भंडारी ने ‘आंखों देखा झूठ’, ‘आपका बंटी’ जैसे लोकप्रिय उपन्यासों से चर्चा में आईं थीं। उन्होंने अपना पहला उपन्यास ‘एक इंच मुस्कान’ अपने पति के साथ ही लिखा था। यह 1961 में प्रकाशित हुआ था। यह उपन्यास काफी उस दौर में काफी चर्चा में रहा था, जिसमें दो महिलाओं की एक ही पुरुष से प्रेम कहानी दिखाई गई थी। इस उपन्यास के पुरुष संवादों को राजेंद्र यादव ने लिखा था, जबकि दोनों महिलाओं को अभिव्यक्त करने का काम मन्नू भंडारी ने किया था। उनका दूसरा उपन्यास ‘आपका बंटी ‘ एक ऐसे बच्चे की कहानी पर आधारित था, जिसके माता-पिता का तलाक हो गया है। दोनों ने शादी कर ली थी। माता-पिता की शादी के टूटने का बच्चे पर क्या असर होता है, उसका चित्रण इस उपन्यास में किया गया था। हिंदी साहित्य में तब यह नया लेखन था। बाद में इसका फ्रेंच, बंगाली और इंग्लिश में भी अनुवाद हुआ।
आप नई कहानी आंदोलन का हिस्सा भी रही, जिसकी शुरुआत निर्मला वर्मा, राजेंद्र यादव, भीष्म साहनी, कमलेश्वर जैसे लेखकों ने की थी। मन्नू भंडारी उन लेखिकाओं में से रही हैं, जिन्होंने आजादी के बाद के भारत की आकांक्षी महिलाओं की कहानियों को लिखा। उनकी कहानियों और उपन्यासों में महिला किरदारों के संघर्ष और समाज में उनकी स्थिति का चित्रण किया गया है। उनकी एक शॉर्ट स्टोरी ‘यही सच है’ पर फ़िल्म रजनीगंधा का 1974 में निर्माण हुआ था। इसे फ़िल्म अवार्ड भी मिला था।

