Wednesday, May 20, 2026
Homeकला खबरेंप्रतिस्पर्धी दौर में 'ट्रिपल पी' सिद्धांत का रखें खयाल: डॉ. शर्मा

प्रतिस्पर्धी दौर में ‘ट्रिपल पी’ सिद्धांत का रखें खयाल: डॉ. शर्मा

Getting your Trinity Audio player ready...

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हमें ‘ट्रिपल पी’ (Triple P) सिद्धांत का खयाल रखना चाहिये। ट्रिपल में पहला ‘P’ यानी पैशन, दूसरा ‘P’ मतलब पेशेंस और तीसरा ‘P’ है परस्यू। हमारी सफलता में इन तीनों की बड़ी भूमिका होती है। हम जो भी करना चाहते हैं उसमें समर्पित जुनून की आवश्यकता होती है। बहुत धीरज रखना होता है और लक्ष्य पाने के लिये निरंतर कोशिश करते रहना पड़ता है।
बड़ी सैलरी पा लेना सफलता नहीं: संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार के सदस्य डॉ.भरत शर्मा ने यह बात कही। वे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के वार्षिक उत्सव ‘एन्सेम्बल’ में छात्रों को सम्बोधित कर रहे थे। आपने यह भी कहा कि हम सिर्फ बड़ा पैकेज या सैलरी हासिल कर लेने को ही सफलता नहीं माना जा सकता। हम सही मायनो में तब सफल कहला पायेंगे जबकि हमारी योग्यता का समाज और देश को लाभ मिले। हमें इस भावना से अपने जीवन में कदम बढ़ाना है।गुरूजनों के लिये हो श्रद्धा का भाव: डॉ.भरत ने छात्रों का ध्यान गुरूजनों की तरफ़ भी खींचा। आपने कहा, ‘हमें सोचना चाहिये कि क्या हमारे अंदर  अपने गुरूजनों के लिये श्रद्धा और आदर का भाव है ? क्या आप फीस दे देने को ही इतिश्री मान लेते हैं। उन्होंने कहा, गुरू होना एक तपस्या है’। उन्होंने कहा, ‘इसी तरह हमें पहली गुरू अपनी माँ के प्रति भी आदर भाव नहीं खोना चाहिये’।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम: कार्यक्रम में डिजिटल वार्षिक पत्रिका का उद्घाटन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा वार्षिकोत्सव में लोक गीत, नृत्य, गायन और वादन की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में संस्था के विशिष्ट शिक्षक, शिक्षिकाओं तथा शिक्षण में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं का सम्मान किया गया। डॉ.भरत का स्वागत प्रधानाचार्य श्री एसएम. अनस इक़बाल द्वारा स्मृति चिन्ह देकर किया गया। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

जावेद अहमद शाह ख़ान "अल-हिंदी" on रंगमंच की नई उड़ान…सौम्या व्यास