Wednesday, April 15, 2026
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चंडीगढ़ में ‘प्रिंट-मेकर्स इन रेसिडेंस’ के माध्यम से जीवंत हुई छापा कला

सुभाष अरोरा, इंदौर स्टूडियो। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी (CLKA) ने पर्यटन विभाग के सहयोग से ‘प्रिंट-मेकर्स इन रेसिडेंस’ प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया है। सेक्टर 19B स्थित प्रतिष्ठित ‘ली कॉर्ब्यूज़ियर सेंटर’ (Le Corbusier Centre) में आयोजित यह कार्यक्रम समकालीन दृश्य कला के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल छापा कला (प्रिंट मेकिंग) का संरक्षण करना है, बल्कि कलाकारों के बीच एक रचनात्मक सेतु का निर्माण करना भी है। Poster for the ongoing 'Print Makers in Residence' exhibition in Chandigarh.अंतरराष्ट्रीय कला संगम और रचनात्मक प्रक्रिया: चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो रेसिडेंसी की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को हुई है। इसमें भारत और श्रीलंका के कलाकार हिस्सा लेकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘प्रक्रिया-आधारित’ (Process-based) होना है। यहाँ दर्शक न केवल तैयार कलाकृतियों को देख पा रहे हैं, बल्कि उन्हें कलाकारों द्वारा वुडकट, एचिंग और टेक्सचर प्रिंट जैसी जटिल तकनीकों का अभ्यास करते हुए देखने का भी दुर्लभ अवसर मिल रहा है। यह आयोजन एक पारंपरिक गैलरी से इतर एक जीवंत कार्यशाला के रूप में उभरा है।A photograph from the ongoing 'Print Makers in Residence' exhibition in Chandigarh. A report by Subhash Arora for Indore Studio.विविधता और वैश्विक संवाद: इस प्रदर्शनी में भौगोलिक सीमाओं को लांघते हुए कला का साझा संसार देखने को मिला। इसमें गुजरात से विजय बगोड़ी, मुंबई से अनंत निकम और स्थानीय कलाकार महेश प्रजापति (चंडीगढ़) ने भारतीय कला की बारीकियों को प्रस्तुत किया। वहीं, श्रीलंका से आए कलाकार दंपति सुदथ अबेयसेकरा और अचला गुणवर्धना ने अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण साझा करते हुए इस आयोजन को वैश्विक पहचान दी। कलाकारों के बीच का यह आपसी संवाद दक्षिण एशियाई देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।A photograph from the ongoing 'Print Makers in Residence' exhibition in Chandigarh. A report by Subhash Arora for Indore Studio.सीखने और सिखाने का अनूठा मंच: ‘प्रिंट मेकर्स इन रेसिडेंस’ केवल अनुभवी कलाकारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कला के छात्रों और युवा जिज्ञासुओं के लिए एक शैक्षिक केंद्र बन गया है। 12 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों को कलाकारों के साथ सीधे संवाद करने और प्रिंटमेकिंग की बारीकियों को समझने का मौका मिल रहा है। इस तरह की भागीदारी चंडीगढ़ को कला के एक ‘हब’ के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।A photograph from the ongoing 'Print Makers in Residence' exhibition in Chandigarh. A report by Subhash Arora for Indore Studio.कला के संवर्धन में एक सराहनीय क़दम: ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम कला के संवर्धन और प्रसार की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह प्रदर्शनी स्पष्ट करती है कि छापा कला जैसी पारंपरिक विधाएं आज भी समकालीन संदर्भ में बेहद प्रासंगिक हैं। 12 अप्रैल तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाला यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए सृजनात्मकता और नवाचार के एक नए संसार के द्वार खोलता है। (इस रिपोर्ट के प्रस्तुतकर्ता सुभाष अरोरा जाने-पहचाने कला समीक्षक और मूर्तिकार हैं।) 

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