Monday, September 7, 2026
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हम पूर्वजों के क़र्ज़ से मुक़्त नहीं हो सकते- बादल

इंदौर स्टूडियो। ‘हम पूर्वजों के क़र्ज़ से मुक़्त नहीं हो सकते’, वरिष्ठ पत्रकार और राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक राजेश बादल ने यह बात कही। वे हिंदी की सेवा करने वाले दो महान संपादकाचार्यों महावीर प्रसाद द्विवेद्वी और माधव राव सप्रे की स्मृति में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। भोपाल में यह आयोजन माधव राव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय और उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान ने मिलकर किया है। दो दिन चलने वाले इस स्मृति प्रसंग में देश भर के हिंदी सेवी, लेखक, पत्रकार, संपादक और विद्वान शिरकत कर रहे हैं।  राज्यपाल ने किया औपचारिक शुभारंभ: पहले दिन मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई ने इस जलसे का औपचारिक उदघाटन किया। संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर ने इस आयोजन का मक़सद बताया। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर ज़ोर दिया।नई पीढ़ी जाने पूर्वजों की परंपरा: उदघाटन सत्र के बाद पहले पेशेवर सत्र में उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार साथी गौरव अवस्थी और राजेश बादल का संबोधन हुआ। अवस्थी जी ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेद्वी के साहित्य और पत्रकारिता में योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ पत्रकार और राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक राजेश बादल ने माधवराव सप्रे के अवदान पर अपने विचार रखे। श्री बादल ने अपने संबोंधन में कहा, हमें अपने पूर्वजों की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की ज़रूरत है। उन्होंने यह कहा कि असल में अहिंदी भाषियों ने ही हिंदी की बड़ी सेवा की है। भाषा की चिंता का सवाल: सत्र की अध्यक्षता कर रहीं उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक ने आज की भाषा पर चिंता प्रकट की और हिंदी की सेवा करने वाले मनीषियों के प्रति कृतज्ञता अर्पित की। सत्र का सफल संचालन पत्रकार ममता यादव ने किया।
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