Monday, September 7, 2026
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राजगीर में नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल का गरिमामय शुभारंभ

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साहित्य हमें परम सत्य के और करीब ले जाता है, यही इसका वास्तविक उद्देश्य है। इस अर्थपूर्ण महोत्सव में आमंत्रित करने के लिये मैं आयोजकों का आभार व्यक्त करता हूं।’ यह बात बिहार के माननीय राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कही। वे राजगीर नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को डॉक्टर शशि थरूर और सोनल मानसिंह ने भी सम्बोधित किया। नालंदा लिटरेचर का यह पहला संस्करण है। इसके गरिमामय समारोह में साहित्य, कला और संस्कृति की कई हस्तियां शामिल हुईं। प्रस्तुत है शुभारंभ समारोह की ख़ास तस्वीरों के साथ कार्यक्रम की सारगर्भित रिपोर्ट।डॉक्टर शशि थरूर ने अपने सम्बोधन में साहित्य की समावेशी शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा – “नालंदा लंबे समय से ज्ञान और साहित्य का केंद्र रहा है। यह फेस्टिवल भाषाई विविधता का उत्सव है, जिसमें मैथिली, बज्जिका, अंगिका के साथ ही मेरी अपनी भाषा मलयालम को भी स्थान दिया गया है। यहां विचारों का आदान-प्रदान होगा और यही नालंदा की विरासत को आगे बढ़ायेगा।”पद्म विभूषण डॉक्टर सोनल मानसिंह ने कहा, “जब साहित्य जीवंत होता है तो हर दिशा से नए विचार आते हैं। साहित्य मन को खोलता है और नए दृष्टिकोण के लिए स्थान बनाता है। नालंदा ज्ञान की भूमि है और हमारा साहित्य सभी नौ रसों की समृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। यह महोत्सव बहुत सुंदर शुरुआत के साथ आगे बढ़ा है और मैं इसके कई सफल संस्करणों की कामना करती हूं।”श्री गंगा कुमार ने नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल की थीम के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य साहित्य को एक आधुनिक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत करना है, जो निरंतर विकसित होता है, प्रश्न करता है और ज्ञान की सीमाओं का विस्तार करता है। यह महोत्सव साहित्य को एक जीवंत विधा के रूप में स्थापित करना चाहता है, जो समाज, संस्कृति और सोच को दिशा देता है।” सुश्री डी. आलिया ने औपचारिक स्वागत भाषण दिया। उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों और प्रतिभागियों के लिटरेचर फेस्टिवल में आने पर प्रसन्नता ज़ाहिर की। साथ ही साहित्य और संस्कृति पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के उत्सव के उद्देश्य को रेखांकित किया।समारोह में बिहार के माननीय राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान, माननीय सांसद एवं लेखक डॉक्टर शशि थरूर, पद्म विभूषण डॉक्टर सोनल मानसिंह, भारत सरकार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर सचिन चतुर्वेदी तथा नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर सिद्धार्थ सिंह को श्री गंगा कुमार द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह उत्सव की गरिमामय शुरुआत का प्रतीक रहा। इंदौर स्टूडियो की रिपोर्ट। आगे देखिये मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की वीडियो रिपोर्ट, इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम के यू ट्यूब चैनल पर। 

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