प्रवीण कुमार खारीवाल, इंदौर स्टू़डियो। भगवान श्रीराम का जीवन और उनके आदर्श अब रंगों के माध्यम से एक ऐसे विशाल कैनवास पर उतर रहे हैं, जो जल्द ही विश्व कीर्तिमान के रूप में जाना जाएगा। इंदौर के गांधी हॉल परिसर स्थित अभिनव कला समाज के मुक्ताकाश मंच पर भारत की सबसे लंबी निरंतर रामायण पेंटिंग “रामायण ऑन कैनवास – रंगों के राम” का विहंगम प्रदर्शन किया गया।
गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रही इस एकल कैनवास पेंटिंग की कुल लंबाई 50 मीटर (164 फीट) और चौड़ाई 5 फीट होगी। इस पर वाल्मीकि रामायण के सातों कांडों को उकेरा जा रहा है।
106 फीट का सफर पूरा, लंका और उत्तर कांड की तैयारी:
भगवान राम की मर्यादा, त्याग, वनवास, प्रेम, भक्ति और सत्य की विजय को एक अटूट दृश्य यात्रा के रूप में दिखाया जा रहा है। वर्तमान में यह पेंटिंग 27 मीटर (106 फीट) तक पूरी हो चुकी है। अब तक इसमें बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धा काण्ड और सुन्दरकाण्ड का बेहद खूबसूरत चित्रण किया जा चुका है, जबकि लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड पर तेजी से काम चल रहा है। संपूर्ण कलाकृति को गिनीज बुक में दर्ज करवाने के लिए ‘एविडेंस रिकॉर्ड’ (प्रमाण) के तौर पर यह भव्य प्रदर्शन किया गया।
पिथौरा कला और आधुनिक शैली का अनूठा संगम:
इस महा-पेंटिंग की मूल परिकल्पना डॉ. सीमा अलावा की है। पिछले 18 महीनों से डॉ. सीमा अलावा के साथ कलाकार हर्ष जाटव, पवन निषाद और इंद्रनील मजूमदार एक्रेलिक ऑन कैनवास शैली में इसे तैयार कर रहे हैं। इस कलाकृति की खासियत यह है कि इसमें भारतीय पारंपरिक कला और जनजातीय कला का शानदार मिश्रण है। पेंटिंग के बॉर्डर पारंपरिक ‘पिथौरा शैली’ में बनाए गए हैं, जबकि मुख्य चित्र समकालीन एक्रेलिक रियलिस्टिक आर्ट (यथार्थवादी कला) से सजे हैं।
सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, विरासत सहेजने की है पहल:
पेंटिंग बनाने वाली मुख्य कलाकार डॉ. सीमा अलावा ने बताया कि, “यह सिर्फ एक पेंटिंग या रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज है। पिथौरा की पारंपरिक शैली और आधुनिक विधि का यह मेल रामायण की शिक्षाओं को आज के समय के अनुकूल प्रस्तुत करता है।” इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को दृश्य कला के माध्यम से रामायण के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना है।
दिग्गजों ने की कला की सराहना:
इस खास अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्री गोलू शुक्ला उपस्थित रहे। वहीं, विशेष अतिथि के तौर पर प्रख्यात पेंटर शुभा वैद्य, विंदिता श्रीवास्तव, एडवोकेट धर्मेंद्र चौधरी और समाजसेवी दीपेंद्र सिंह सोलंकी ने शिरकत की। कार्यक्रम में अतिथियों का आत्मीय स्वागत प्रवीण खारीवाल (इस रिपोर्ट के लेखक), रचना जौहरी, डॉ. ज्योति शर्मा, पुष्कर सोनी, पंकज क्षीरसागर एवं अर्जुन नायक ने किया। इस दौरान शहर के कला और रंगमंच जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग इस अद्भुत रंग यात्रा के साक्षी बने। आगे पढ़िये -तीस साल बाद मंच पर फिर लौटा अक्स तमाशा https://indorestudio.com/aks-tamasha-play-nsd-repertory-bhanu-bharti/

