Saturday, May 9, 2026
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राँची में दसवाँ राष्ट्रीय नाट्य समारोह, तीन दिन में 7 नाटकों का मंचन

राँची, इंदौर स्टूडियो डेस्क। नगर में ‘छोटा नागपुर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव सह कांतिकृष्ण सम्मान समारोह’ संपन्न हुआ। तीन दिन चले इस दसवें नाट्य समारोह का शुभारंभ, विश्व रंगमंच दिवस से हुआ।  समारोह में कुल 7 नाटकों का मंचन किया गया। आयोजन युवा नाट्य संगीत अकादमी द्वारा स्थानीय ऑड्रे हाउस में किया गया। वरिष्ठ रंगकर्मी हुए सम्मानित: शुभारंभ समारोह में वरिष्ठ रंगकर्मी प्रणव कुमार चौधरी, मिथलेश कुमार पाठक, कपिल देव रंग, सुप्रना चटर्जी, बिमल साहय, शगुन पाठक तथा पत्रकारिता के क्षेत्र से प्रवीण मिश्रा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि सर्वश्री नंदलाल नायक, अजय नाथ शाहदेव, पूर्व उपमहापौर, पद्मश्री मधु मंसूरी, ऋषि प्रकाश मिश्र शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह शुभारंभ किया। अपने उदबोधन में विशिष्ट अतिथि अजय नाथ शाहदेव ने कहा – ‘झारखंड में कला और संस्कृति का अहम स्थान है फिर भी रंगमंच की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। आयोजन में कला-संस्कृति विभाग के किसी अधिकारी का ना होना, कुछ ऐसा ही दर्शाता है’। नाटक की पुरानी परंपरा: पद्मश्री मधु मंसूरी ने कहा – ‘छोटा नागपुर में नाटक की परंपरा बहुत पुरानी है और इसे और आगे ले जाने की आवश्यकता है, इस दिशा में हमें निरंतर काम करना होगा’। समारोह में ख्यात लोक कलाकार नंदलाल नायक और ऋषि प्रकाश मिश्रा ने आयोजन के लिये अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। आरंभ में अकादमी के अध्यक्ष ऋषिकेश लाल ने महोत्सव की जानकारी दी।  तीन दिन में सात नाटक: तीन दिन के इस राष्ट्रीय नाट्य समारोह में कुल 7 नाटकों का मंचन हुआ। आड्रे हाऊस में प्रतिदिन शाम को नाटकों के मंचन किये गये। पहले दिन भिखारी ठाकुर लिखित और विनोद जायसवाल निर्देशित नाटक ‘विदेशिया’ और अंतोन चेखव रचित और राजीव सिन्हा निर्देशित ‘गिरगिट’ नाटक का मंचन हुआ। इसके बाद के दिनों में क्रमश: भेड़िए, कथा एक अगोचर की, तुमने क्यों कहा था कि मैं खूबसूरत हूं, पोंगा परीक्षा, नाटकों का मंचन किया गया। 50 से अधिक कलाकार शामिल: नाटकों में 50 से अधिक कलाकारों ने बड़े उत्साह से भाग लिया और अपनी सराहनीय नाट्य कला का प्रदर्शन किया। दसवें नाट्य उत्सव को यादगार बना दिया। समारोह को बड़ी संख्या में दर्शकों ने देखा। हर दिन विशिष्ट अतिथि भी नाटकों को देखने पहुँचे। आगे पढ़िये –

वर्ल्ड थियेटर डे विशेष: दर्शक भी अब नाटक देखने की तैयारी करते हैं

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